फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Notice of recovery of more than 46 lakh rupees on 50 government schools, salaries of principals and teachers stopped

Chandigarh News: 50 सरकारी स्कूलों पर 46 लाख से अधिक की रिकवरी का नोटिस, प्रिंसिपल और शिक्षकों को वेतन रोका

Sun, 15 Sep 2024 06:57 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2024 06:57 AM IST
विज्ञापन
Notice of recovery of more than 46 lakh rupees on 50 government schools, salaries of principals and teachers stopped
चंडीगढ़। शिक्षा विभाग ने शहर के 50 सरकारी स्कूलों को कुल 46 लाख से अधिक की रिकवरी के लिए नोटिस भेजा है। इसे लेकर प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का सितंबर माह का वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए हैं। मामला शिक्षा विभाग की अकाउंट्स ब्रांच द्वारा किए ऑडिट के बाद सामने आया है, जिसमें परीक्षक ने आरक्षित श्रेणी में फंड देने को लेकर आपत्ति जताई है।
विज्ञापन


हर राज्य की आरक्षण सूची में विभिन्न जाति सम्मिलित होती हैं, जिसके आधार पर उन्हें लाभ मिलते हैं। चंडीगढ़ में बाहर के राज्यों से आकर छात्र पढ़ रहे हैं। ऐसे में छात्रों ने अपने राज्य का एससी प्रमाणपत्र दिखाया। इसे स्कूल ने स्वीकार किया और उनकी फीस आरक्षण नीति के अनुसार भरी। हालांकि इसमें बच्चे कई ऐसी जाति के निकले, जो चंडीगढ़ की आरक्षण सूची में नहीं आते। किसी स्कूल पर रिकवरी फंड 90 रुपये है तो किसी पर 27,44, 900 रुपये।
विज्ञापन

सबसे अधिक रिकवरी फंड सेक्टर-27बी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर है। ऑडिट में उन स्कूलों पर भी आपत्ति जताई गई है, जहां शिक्षकों ने पिता के एससी के प्रमाणपत्र होने पर बच्चे को इस श्रेणी के लाभ दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

नाम न बताने की शर्त पर एक प्रधानाचार्य ने कहा कि शहर में विभिन्न राज्यों के बच्चे पढ़ रहे हैं। दाखिले के समय मूल रूप से उनका एससी का प्रमाणपत्र देखा जाता है। ऑडिट रिपोर्ट 2015 से अब तक की है। इससे पूर्व इस चीज पर आपत्ति नहीं जताई गई और न ही कभी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आरक्षण पर शामिल जातियों या अन्य स्पष्टीकरण को लेकर दिशानिर्देश दिए गए।
एक अन्य शिक्षक ने कहा कि वह प्रधानाचार्य से मिले। आदेशों के आधार पर ही बच्चों की फीस लेते हैं। अभी ऑडिट रिपोर्ट में एससी छात्रों की फीस को लेकर आपत्ति जताई जा रही है लेकिन 2015 से पहले हुए ऑडिट में इसे लेकर प्रश्न क्यों नहीं उठाए गए। जिम्मेदारी सिर्फ शिक्षकों पर क्यों डाली जा रही है, जबकि इसमें शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों की जवाबदेही भी बनती है।
सेक्टर-27 के अलावा सेक्टर-22 सी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर 8,45,405 रुपये, धनास के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर 2,41,859 रुपये फंड रिकवरी के लिए है। सबसे कम रिकवरी फंड सेक्टर-46 सी के गवर्नमेंट हाईस्कूल पर 90 रुपये, सेक्टर-32 डी के गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल को 106 रुपये रिकवरी के लगाए है।


सभी 50 स्कूल प्रमुखों की स्कूल शिक्षा निदेशक के साथ अक्तूबर माह में बैठक बुलाई है। बैठकों का दौर 10 से 24 अक्तूबर तक चलेगा। हर दिन विभिन्न स्कूलों के आना होगा। 10 अक्तूबर को पांच स्कूलों को बैठक के लिए बुलाया है। नोटिस से सभी शिक्षक परेशान हैं, जिनका सितंबर का वेतन रोक दिया है। रिकवरी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed