फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Nothing found in the ashrams in the investigation of intelligence agencies

नूंह बाल आश्रम विवादः खुफिया एजेंसियों की जांच में भी आश्रमों में कुछ नहीं मिला संदिग्ध

Thu, 09 Aug 2018 09:40 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 09 Aug 2018 09:40 AM IST
विज्ञापन
Nothing found in the ashrams in the investigation of intelligence agencies
बाल आश्रम
नूंह के गांव पिपाका स्थित दोनों बाल आश्रमों को लेकर छिड़े विवाद के चलते सरकार के निर्देश पर खुफिया विभाग ने भी इस मसले पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट सरकार को दी गई है। जिसमें इन आश्रमों में कुछ भी संदिग्ध न मिलने का जिक्र किया गया है। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरमैन की रिपोर्ट के बाद सरकार ने इस मामले में अपने खुफिया विभाग से भी इस बाबत रिपोर्ट तलब की थी।
विज्ञापन


आयोग को सरकार को दी रिपोर्ट में कहा गया था कि इन बाल आश्रम में एक तहखाना है, जहां एक कंट्रोल रूम बना हुआ है। इसी के आधार पर खुफिया विभाग की एक टीम ने गोपनीय ढंग से पिपाका गांव में एक ही परिसर में बने दोनों बाल गृह आश्रमों का निरीक्षण किया और इस पूरे मसले पर अपनी गोपनीय रिपोर्ट भी तैयार की।
विज्ञापन


 खुफिया एजेंसी को अपनी इस निरीक्षण में इन बाल आश्रमों में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। जिस तहखाने का जिक्र किया गया है, वह बेसमेंट है, जहां एक कमरे में सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम और दो अन्य कमरों में स्टोर रूम बना हुआ है। इस कथित तहखाने में भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला। खुफिया विभाग ने आला अफसरों के मार्फत सारी स्थिति से सरकार को अवगत करवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेष कमेटी के निरीक्षण में भी नहीं मिली बड़ी खामी
इस मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन के निर्देश पर एडिशनल डायरेक्टर सरिता मलिक की अध्यक्षता में बनी स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने भी बुधवार को दोनों बाल आश्रमों का निरीक्षण किया। करीब सात घंटे के निरीक्षण में विशेष टीम ने जहां कथित तहखाने का निरीक्षण किया, वहीं बच्चों के रहन सहन, खानपान से लेकर अन्य सुविधाओं की भी जांच की। तमाम दस्तावेज देखे गए। इस दौरान कोई बड़ी खामी टीम को नहीं मिली। 

अतिरिक्त निदेशक ने स्थानीय स्टाफ को कुछ दस्तावेज को दुरुस्त करने के निर्देश जरूर दिए गए। उसके बाद टीम ने वहां रहने वाले सभी 55 बच्चों (38 लड़के व 17 लड़कियों) से वन-टू-वन संपर्क किया। इस दौरान बच्चों ने भी किसी प्रकार के शोषण का जिक्र नहीं किया और न ही मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी बताई।

इस दौरान स्थानीय स्टाफ ने विशेष टीम को हर तीन महीने के दौरान होने वाली जिलास्तरीय निरीक्षण कमेटी की रिपोर्ट भी दिखाई। ये निरीक्षण आईएएस और एचपीएस अफसरों की निगरानी में नियमित हो रहा था और निरीक्षण रिपोर्ट में पूर्व डीसी के पॉजीटिव कमेंट्स भी शामिल थे।  बहरहाल, विशेष कमेटी ने अपनी रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक को सौंप दी है।


मैं ने महिला एवं बाल विकास विभाग को उनकी विशेष जांच कमेटी की निरीक्षण रिपोर्ट और आयोग चेयरमैन की निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा कर एक क्रास चेक रिपोर्ट तैयार पुटअप करने के निर्देश दिए हैं। आयोग चेयरमैन ने जो सवाल उठाए थे, उसका क्रास चेक जरूरी था। इसलिए विभाग की विशेष जांच कमेटी बनानी पड़ी। फिलहाल विशेष जांच कमेटी की रिपोर्ट में बच्चों के साथ शोषण और बच्चे लापता होने की कोई बात सामने नहीं आई है। बाकी क्रास चेक रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। -कविता जैन, मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed