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नोटबंदी के 30 दिन बाद, लंबी लाइनों से नहीं मिली निजात, देखिए ये हैं हालात
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 08 Dec 2016 07:45 PM IST
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एक महीने बाद भी लंबी लंबी लाइनों से नहीं मिली निजात
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के ऐलान को एक महीना पूरा हो चुका है, लेकिन अभी भी बैंकों व एटीएम के आगे से लाइनें कम नहीं हैं। बल्कि पिछले आठ दिनों से ज्यादा लंबी लाइनें एटीएम व बैंकों में लग रही है। लोगों का कहना है कि बैंकों व प्रशासन को कुछ और कदम उठाने चाहिए नहीं तो पूरा महीना लग जाएगा अपने ही पैसे निकालने के लिए।
सरकार का दावा था कि सिर्फ पचास दिन लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ेगी। लोगों का कहना है कि लेकिन पचास में से तीस दिन तो बीत गए है। लेकिन ना एटीएम व बैंकों की लाइनों में कोई फर्क नहीं पड़ा है। हर रोज लाइनें लंबी होती जा रही है। वीरवार को इस महीने की अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। क्योंकि में 7 तारिख कई विभागों के कांट्रेक्ट व दिहाड़ीदार कर्मचारियों की भी सैलरी बैंकों में आई थी।
नयां गांव निवासी हुन्नाराम ने बताया कि नोटबंदी को महीना पूरा हो गया है। लेकिन दिक्कतें बरकरार है। बैंकों में कैश ही नहीं है। एक महीने बाद भी सैकड़ों एटीएम की सेटिंग नहीं हो पाई वो बंद ही पड़े है। दो हजार केनोट ही अभी भी मिल रहे है। छोटे नोटों की भारी कमी है। पहले सरकार को चाहिए था कि वो छोटे नोट लाती।
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सरकार का दावा था कि सिर्फ पचास दिन लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ेगी। लोगों का कहना है कि लेकिन पचास में से तीस दिन तो बीत गए है। लेकिन ना एटीएम व बैंकों की लाइनों में कोई फर्क नहीं पड़ा है। हर रोज लाइनें लंबी होती जा रही है। वीरवार को इस महीने की अब तक की सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। क्योंकि में 7 तारिख कई विभागों के कांट्रेक्ट व दिहाड़ीदार कर्मचारियों की भी सैलरी बैंकों में आई थी।
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नयां गांव निवासी हुन्नाराम ने बताया कि नोटबंदी को महीना पूरा हो गया है। लेकिन दिक्कतें बरकरार है। बैंकों में कैश ही नहीं है। एक महीने बाद भी सैकड़ों एटीएम की सेटिंग नहीं हो पाई वो बंद ही पड़े है। दो हजार केनोट ही अभी भी मिल रहे है। छोटे नोटों की भारी कमी है। पहले सरकार को चाहिए था कि वो छोटे नोट लाती।
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सैलरी व पेंशन आने के बाद से ज्यादा दिक्कतें बढ़ी
एटीएम में उमड़ी जबरदस्त भीड़
प्राइवेट नौकरी करने वाले हरजोत सिंह ने बताया कि बिना किसी तैयारी के ही इतना बड़ा फैसला लागू कर दिया। बैंकों में कैश नहीं है। कैश है भी तो सिफारिश वालों को पहले मिल जाता है। आम लोग लाइन में लगे रह जाते है। प्रशासन व बैंकों को कुछ वैकल्पिक इंतजाम करने चाहिए वरना इसी तरह लाइनों में पचास दिन बाद क्या सौ दिन बाद तक भी लगे रहना पडे़गा।
सेक्टर 17 में एटीएम की लाइन में लगी विशी ने शिकायत कि एटीएम वो घंटों से लगी हुई है। दो पंजाब पुलिस के आए और पांच सात एटीएम लेकर आधे घंटे से पैसे निकाल रहे है। उनको रोकने वाला कोई नहीं है। लाइनों तो सिर्फ आम जनता ही लगी हुई है। इसके लिए भी बैंकों को कुछ करना चाहिए। बैंकों के पास कैश की भारी कमी है।
एटीएम की लाइन में लगे उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार का अच्छा कदम है। सरकार की कोशिशें भी जारी है। लेकिन इतनी बड़ी आबादी में ये कदम नाकाफी है। सरकार को बैंकों में पहले कैश का पूरा इंतजाम करना चाहिए। सभी जगह प्लास्टिक मनी नहीं चल सकती। कैश की अभी काफी जगह जरूरत पड़ती है।
सेक्टर 17 में एटीएम की लाइन में लगी विशी ने शिकायत कि एटीएम वो घंटों से लगी हुई है। दो पंजाब पुलिस के आए और पांच सात एटीएम लेकर आधे घंटे से पैसे निकाल रहे है। उनको रोकने वाला कोई नहीं है। लाइनों तो सिर्फ आम जनता ही लगी हुई है। इसके लिए भी बैंकों को कुछ करना चाहिए। बैंकों के पास कैश की भारी कमी है।
एटीएम की लाइन में लगे उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार का अच्छा कदम है। सरकार की कोशिशें भी जारी है। लेकिन इतनी बड़ी आबादी में ये कदम नाकाफी है। सरकार को बैंकों में पहले कैश का पूरा इंतजाम करना चाहिए। सभी जगह प्लास्टिक मनी नहीं चल सकती। कैश की अभी काफी जगह जरूरत पड़ती है।