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हरियाणा में शिक्षा का हाल: 63 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, 40 विद्यालय एक के सहारे, बच्चों ने दाखिले से मुंह मोड़ा

Wed, 20 Apr 2022 04:15 AM IST
ajay kumar यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 20 Apr 2022 04:15 AM IST
सार

शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ऑनलाइन तबादले भी किए जाएंगे। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक कम हो जाएगी।

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Not a single teacher in 63 schools of Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के 63 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है। 40 स्कूल एक शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बावजूद इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है, जिससे बच्चे दाखिला लेने से मुंह मोड़ रहे हैं। एमआईएस से दाखिले बंद कर शिक्षक की व्यक्तिगत आईडी से करने का फरमान नई चुनौती बन गया है। 

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मॉडल संस्कृति स्कूलों में हिंदी माध्यम के दाखिला करने का पत्र शिक्षा मंत्री की घोषणा के बावजूद अब तक जारी नहीं हुआ है। यमुनानगर के रादौर व छछरौली खंड में 33 प्राथमिक, मिडिल स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है। नूंह जिले में 30 स्कूल बिना शिक्षक के चल रहे हैं। ऐसे में बच्चों की दाखिला प्रक्रिया को व्यक्तिगत आईडी के जरिये सिरे नहीं चढ़ाया जा सकता। चूंकि, इन स्कूलों में एक, दो-दो दिन अन्य स्कूलों के शिक्षक अस्थायी तौर पर भेजे जाते हैं। इनकी आईडी स्थायी स्कूल की है, इसलिए यह बिना शिक्षकों वाले स्कूलों में बच्चों का दाखिला अपनी आईडी से नहीं कर सकते। इससे इन स्कूलों में दाखिला प्रतिशत घटने के आसार हैं।
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मॉडल संस्कृति स्कूलों में हिंदी माध्यम के दाखिले को लेकर शिक्षा निदेशालय ने अभी तक कोई पत्र जारी नहीं किया है। बीते सप्ताह शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने इन स्कूलों में दोनों माध्यम से पढ़ाई की बात कही थी लेकिन निदेशालय पत्र ही जारी नहीं कर रहा। इससे विद्यार्थियों और उनके बच्चों के सामने दुविधा की स्थिति है। शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 की अवहेलना कर 500 से 1000 प्रवेश फीस औ 200 से 500 मासिक फीस लागू करने का भी अभिभावक खुला विरोध कर रहे हैं।
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सरकार के नए फरमान शिक्षकों के लिए मुसीबत: प्रभु सिंह
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य महासचिव प्रभु सिंह ने कहा कि सरकार के नए-नए फरमान शिक्षकों के लिए मुसीबत बन गए हैं। शिक्षकों की कमी व बेतुके निर्देशों से स्कूलों में नामांकन बढ़ने के बजाय कम होंगे। स्कूलों में ढांचागत सुविधाओं की कमी के साथ ही इंटरनेट नहीं है, शिक्षकों को प्रशिक्षण का भी अभाव है। 

शिक्षा मंत्री के गृह जिले में ही स्वीकृत पदों के मुकाबले एक तिहाई से अधिक पद खाली हैं। 100 से अधिक खंड शिक्षा अधिकारी, 1,000 से अधिक प्राचार्य व मुख्याध्यापकों, 2500 से अधिक मौलिक मुख्य अध्यापकों की कमी है। नूंह जिले में 9405 शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं व 4150 कार्यरत हैं। सरकार स्कूलों में डाटा एंट्री ऑपरेटर मुहैया कराए। दाखिला एमआईएस से ही हों।


खाली पद भरने की चल रही प्रक्रिया: कंवर पाल
शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ऑनलाइन तबादले भी किए जाएंगे। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक कम हो जाएगी। बच्चों के दाखिलों को लेकर आ रही समस्याएं जल्द दूर कराएंगे। मॉडल संस्कृति स्कूलों में हिंदी माध्यम के दाखिला को लेकर पत्र जारी न करने पर अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। 

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