लगाम: साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर, आधुनिक उपकरणों से होगा लैस
इस सेंटर के लिए एमएचए से अनुमति मिल गई है। इसमें अन्य प्रदेशों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा जिससे अपराधियों को पकड़ने में भी मदद मिलेगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ में उत्तर भारत का सबसे बड़ा सेंटर बनेगा। चंडीगढ़ पुलिस की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को एमएचए ने मंजूरी दे दी है। इस सेंटर का नाम सेंटर फोर साइबर सिक्योरिटी एंड ऑपरेशन (सेन्कॉप) होगा। यह सेंटर आधुनिक उपकरणों से लैस होगा। सेन्कॉप बनने के बाद यूटी पुलिस के पास हर तरह के एडवांस उपकरण, डाटा सेंटर और विशेषज्ञ होंगे। इसकी मदद से साइबर अपराध पर रोक लगाने और अपराधियों को तुरंत दबोच लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस के पास साइबर अपराधियों को लेकर उपकरणों की काफी कमी है, इसलिए सेन्कॉप बनाने के प्रस्ताव एमएचए को भेजा गया था। सेन्कॉपस बनने के बाद हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत की सारी पुलिस को चंडीगढ़ से मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आने वाले 10 सालों के बारे में सोचकर यह कदम उठाया है। बता दें कि शहर में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। डेढ़ महीने में लगभग साढ़े छह सौ लोगों के साथ धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस के पास आई है।
पांच साल में 22,292 लोग जालसाजी के शिकार, सिर्फ 258 केस दर्ज
जनवरी 2022 से अभी तक साइबर सेल के पास लगभग साढ़े छह सौ शिकायतें आई हैं। पुलिस ने पौने दो महीनों में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पांच साल में 22,292 लोग सिटी ब्यूटीफुल में जालसाजों का शिकार हुए। सबसे ज्यादा 6537 मामले 2020 में सामने आए। हालांकि पुलिस ने शिकायतों पर जांच कर मामलों का निपटारा कर दिया है। पुलिस के अनुसार वर्तमान में पुलिस के पास 3900 शिकायतें लंबित हैं। हैरानी की बात तो यह है कि पांच सालों 258 केस दर्ज हुए और गिरफ्तारी मात्र 129 लोगों की हुई। साइबर सेल के अनुसार लोगों के मोबाइल और ईमेल पर लिंक भेजकर धोखाधड़ी की जा रही है। उस लिंक पर क्लिक करते ही लोगों के बैंक अकाउंट से जुड़ा विवरण शातिरों तक पहुंच जाता है और बड़े आराम से वह चूना लगा देते हैं। इन दिनों नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं। साइबर सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरिओम ने बताया कि किसी भी अंजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी न दें। बता दें कि शातिरों ने पूर्व बीएसएफ कमांडेंट, विंग कमांडर, कर्नल की पत्नी समेत कई बड़े अधिकारियों के साथ ठगी की है।
1930 पर कॉल कर साइबर अपराध की तुरंत करवाएं शिकायत
पुलिस ने बताया कि पीड़ितों को 155260 की जगह 1930 हेल्प लाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी होगी। इस नंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। अगर आपके साथ किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो सबसे पहले हेल्पनाइन नंबर 1930 डायल करें और अपनी शिकायत को फाइनेंशियल क्राइम रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करें। कॉल करने के बाद बैंक को भी इसकी जानकारी पहुंचेगी और पीड़ित के बैंक खाते को तुरंत ब्लॉक कर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ जुड़ें
बढ़ते साइबर अपराध को लेकर साइबर सेल सोशल मीडिया पर एक्टिव हो गई है। पुलिस ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्वीटर और यू ट्यूब पर अकाउंट बनाया है। यहां पुलिस आए दिन रोजाना लोगों को जागरूक कर रही है। पुलिस ने बताया कि लोगों को सोशल मीडिया पर पुलिस के साथ जुड़ना चाहिए, ताकि वह जागरूक हो सकें और दूसरों को भी जागरूक करें। पुलिस शहर के स्कूलों में जाकर बच्चों को भी जागरूक कर रही है। अभी तक 1500 बच्चों को पुलिस ने स्कूल में जाकर जागरूक किया है।
इस वर्ष पुलिस की सबसे तेज रही कार्रवाई
साइबर सेल ने वर्ष 2022 में देश के अलग अलग जिलों से 13 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल के प्रभारी हरिओम शर्मा के नेतृत्व में पुलिस ने बिहार, महाराष्ट्र, झारखंड व अन्य जगहों से नाईजीरियन समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जनवरी में 9 और फरवरी में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साल शिकायतें एफआईआर दर्ज गिरफ्तार
2017 2242 43 32
2018 3164 35 16
2019 4793 35 13
2020 6537 80 33
2021 5556 65 35
साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए चंडीगढ़ में एक सेंटर बनाने के लिए एमएचए को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे एमएचए ने मंजूरी दे दी है। सेक्टर-19 में सेंटर बनेगा, जिसका नाम सेन्कॉप होगा। इसमें ऑनलाइन ठगों को पकड़ने के लिए हर तरह के टेक्निकल सिस्टम और उपकरण होंगे। उत्तर भारत की पुलिस को सेन्कॉप से मदद मिलेगी। उत्तर भारत की पुलिस को साइबर अपराध के बारे में स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। -ओमवीर बिश्नोई, आईजी चंडीगढ़