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चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर निजी वाहन ले जाने पर लग सकता बैन, ये सिस्टम लागू करने की तैयारी
Wed, 24 Jul 2019 11:08 AM IST
खुशबू गोयल
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 24 Jul 2019 11:08 AM IST
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Chandigarh Traffic
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चंडीगढ़वासियों के लिए जरूरी खबर, शहर में कुछ जगहों पर निजी वाहन ले जाने पर बैन लग सकता है। क्योंकि प्रशासन एक सिस्टम लागू करने की तैयारी में हैं। चंडीगढ़ में बढ़ते ट्रैफिक से लोगों को निजात दिलाने, निजी वाहनों को छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट या साइकिल से शहर में घूमने और पार्किंग की समस्या से छुटकारे के लिए प्रशासन, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस मिलकर सिटी ब्यूटीफुल में नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोटेशन (एनएमटी) सिस्टम लागू करने जा रही है।
इस योजना को पहले शहर के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) सेक्टर-17, 22, 35 व 43 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। इसके तहत इन इलाकों में पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, साइकिल यात्रियों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा ताकि लोग निजी वाहन छोड़कर इनका प्रयोग अधिक से अधिक करें। इसके तहत इन सेक्टरों में कुछ जगहों पर निजी वाहन ले जाने पर पाबंदी लग सकती है। इससे लोगों की सेहत के साथ पार्किंग की समस्या खत्म हो सकेगी। साथ ही ट्रैफिक जाम से भी लोगों को जूझना नहीं पड़ेगा। खास बात यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट फॉर इंडियन स्टेट (स्मूडी) के तहत संचालित किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि शहर के ट्रैफिक को सुधारने व वातावरण को साफ रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। कुछ दिन पहले डीसी मनदीप सिंह बराड़ और एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद के साथ इस संबंध में बैठक भी की गई थी। इसमें डिलॉयट कंपनी ने अपनी प्रेजेंटेशन दी थी। इसमें तीन बातें प्रमुख थीं। पहला पूरे पायलट प्रोजेक्ट के लिए एक अलग से सेल, दूसरा शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर सुविधाएं देना और तीसरा लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर तक के एरिया में कंप्लीट स्ट्रीट स्ट्रक्चर डेवलप करना। यदि प्रोजेक्ट ठीकठाक चला तो इसे शहर के अन्य भागों में भी लागू किया जाएगा।
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अभी इस प्रोजेक्ट के लिए चर्चा हुई है। डीसी, ट्रैफिक एसएसपी के साथ मिलकर इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने का प्रयास है। तैयारी चल रही है। जल्द इस पर काम होगा।
- केके यादव, नगर निगम कमिश्नर
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इस योजना को पहले शहर के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) सेक्टर-17, 22, 35 व 43 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा। इसके तहत इन इलाकों में पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने, साइकिल यात्रियों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जाएगा ताकि लोग निजी वाहन छोड़कर इनका प्रयोग अधिक से अधिक करें। इसके तहत इन सेक्टरों में कुछ जगहों पर निजी वाहन ले जाने पर पाबंदी लग सकती है। इससे लोगों की सेहत के साथ पार्किंग की समस्या खत्म हो सकेगी। साथ ही ट्रैफिक जाम से भी लोगों को जूझना नहीं पड़ेगा। खास बात यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट स्मार्ट अर्बन डेवलपमेंट फॉर इंडियन स्टेट (स्मूडी) के तहत संचालित किया जाएगा।
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स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि शहर के ट्रैफिक को सुधारने व वातावरण को साफ रखने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। कुछ दिन पहले डीसी मनदीप सिंह बराड़ और एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद के साथ इस संबंध में बैठक भी की गई थी। इसमें डिलॉयट कंपनी ने अपनी प्रेजेंटेशन दी थी। इसमें तीन बातें प्रमुख थीं। पहला पूरे पायलट प्रोजेक्ट के लिए एक अलग से सेल, दूसरा शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर सुविधाएं देना और तीसरा लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर तक के एरिया में कंप्लीट स्ट्रीट स्ट्रक्चर डेवलप करना। यदि प्रोजेक्ट ठीकठाक चला तो इसे शहर के अन्य भागों में भी लागू किया जाएगा।
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अभी इस प्रोजेक्ट के लिए चर्चा हुई है। डीसी, ट्रैफिक एसएसपी के साथ मिलकर इस पायलट प्रोजेक्ट को सफल बनाने का प्रयास है। तैयारी चल रही है। जल्द इस पर काम होगा।
- केके यादव, नगर निगम कमिश्नर
ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ ही सुधरेगी लोगों की सेहत
कमिश्नर केके यादव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से एक ओर जहां ट्रैफिक की समस्या से निजात मिलेगी, वहीं लोगों की सेहत भी सुधरेगी। जब किसी इलाके में निजी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा तो लोग मजबूरी में ही सही लेकिन साइकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे ही। इससे पार्किंग की समस्या भी खत्म होगी।
प्रेजेंटेशन के दौरान कंपनी के एडवाइजर ने बताया कि डेनमार्क में 40 प्रतिशत लोग साइकिल चलाते हैं। यूके, स्विट्जरलैंड, बर्मिंघम सब इस ओर बढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ प्लान के साथ बसाई गई सिटी है। यहां इस प्लान को लागू करना कोई मुश्किल काम नहीं। इसके अलावा स्ट्रीट स्ट्रक्चर में लोगों को पैदल चलने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना सफल हुई तो चंडीगढ़ से बेहतर कोई सिटी नहीं होगी।
यूके गवर्नमेंट के प्रोजेक्ट स्मूडी को करेंगे लागू
डिलॉयट कंपनी के अर्बन एडवाइजर सुजीत मृद्घा ने बताया कि कंपनी यूके गवर्नमेंट एजेंसी डिपार्टमेंट फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (डीएफआईडी) के स्मूडी प्रोजेक्ट के तहत काम करेगी। इस प्रोजेक्ट में ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीशन भी जुड़ा हुआ है। कंपनी स्मूडी के कुछ काम पुणे में लागू कर चुकी है। इसके अलावा भुवनेश्वर, रांची, अमरावती व इंदौर में भी अपना प्रोजेक्ट चला रही है।
प्रेजेंटेशन के दौरान कंपनी के एडवाइजर ने बताया कि डेनमार्क में 40 प्रतिशत लोग साइकिल चलाते हैं। यूके, स्विट्जरलैंड, बर्मिंघम सब इस ओर बढ़ रहे हैं। चंडीगढ़ प्लान के साथ बसाई गई सिटी है। यहां इस प्लान को लागू करना कोई मुश्किल काम नहीं। इसके अलावा स्ट्रीट स्ट्रक्चर में लोगों को पैदल चलने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। योजना सफल हुई तो चंडीगढ़ से बेहतर कोई सिटी नहीं होगी।
यूके गवर्नमेंट के प्रोजेक्ट स्मूडी को करेंगे लागू
डिलॉयट कंपनी के अर्बन एडवाइजर सुजीत मृद्घा ने बताया कि कंपनी यूके गवर्नमेंट एजेंसी डिपार्टमेंट फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (डीएफआईडी) के स्मूडी प्रोजेक्ट के तहत काम करेगी। इस प्रोजेक्ट में ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीशन भी जुड़ा हुआ है। कंपनी स्मूडी के कुछ काम पुणे में लागू कर चुकी है। इसके अलावा भुवनेश्वर, रांची, अमरावती व इंदौर में भी अपना प्रोजेक्ट चला रही है।
अलग बनेगा सेल, निगम करेगा प्रतिनिधित्व
इस पूरे पायलट प्रोजेक्ट के लिए एक अलग से टीम बनाई जाएगी क्योंकि इसमें सभी विभागों का सहयोग लेना होगा। इसलिए तय किया गया कि हर विभाग का एक व्यक्ति सेल में रहे। जरूरत लगने पर अपने विभाग के संबंधित कामों को जल्द पूरा करा सके। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर को दी जाएगी। इसमें टेक्निकल कमेटी भी होगी। जब भी कोई भी प्रोजेक्ट शुरू होंगे तो टेक्निकल कमेटी काम के निगेटिव व पॉजिटिव पक्ष जानकर सेल को बताएगा। वहीं बजट को लेकर भी सभी विभाग मिलकर सहयोग करेंगे ताकि सेल की फंडिंग हो सके।
एमीशन जॉनिंग के तहत शहर को जोन में बांटा जाएगा
दूसरा प्लान है एमीशन जॉनिंग का। इसके तहत शहर को अलग अलग जोन में बांटा जाएगा। इसमें जिन जोन में जरूरत होगी वहां मोटर व्हीकल को रोका जाएगा या सुबह 8 से शाम 6 बजे तक मोटर व्हीकल को रोका जाएगा। इस दौरान वहां साइक्लिंग और पैदल चलने वालों के लिए सुविधा बढ़ाई जाएंगी।
कंप्लीट स्ट्रीट स्ट्रक्चर पर मिलेंगी पूरी सुविधाएं
तीसरे प्लान के तहत कंप्लीट स्ट्रीट स्ट्रक्चर के तहत काम किया जाएगा। इसमें एक से डेढ़ किलोमीटर में लोगों को बैठने, खेलने, साइक्लिंग के साथ ही अन्य सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसे कंक्रीट, लकड़ी या अन्य किसी मैटेरियल से डिजाइन किया जा सकता है। इसके लिए प्लान किया जा रहा है। वहीं फड़ी वालों के लिए कियोस्क बनाए जाएंगे। उन्हें हटाने की बजाय व्यवस्थित करने की योजना है। इसमें साइकिल की पार्किंग की व्यवस्था भी होगी। वहीं नेत्रहीन व व्हीलचेयर वालों के लिए भी पूरी व्यवस्था होगी।
एमीशन जॉनिंग के तहत शहर को जोन में बांटा जाएगा
दूसरा प्लान है एमीशन जॉनिंग का। इसके तहत शहर को अलग अलग जोन में बांटा जाएगा। इसमें जिन जोन में जरूरत होगी वहां मोटर व्हीकल को रोका जाएगा या सुबह 8 से शाम 6 बजे तक मोटर व्हीकल को रोका जाएगा। इस दौरान वहां साइक्लिंग और पैदल चलने वालों के लिए सुविधा बढ़ाई जाएंगी।
कंप्लीट स्ट्रीट स्ट्रक्चर पर मिलेंगी पूरी सुविधाएं
तीसरे प्लान के तहत कंप्लीट स्ट्रीट स्ट्रक्चर के तहत काम किया जाएगा। इसमें एक से डेढ़ किलोमीटर में लोगों को बैठने, खेलने, साइक्लिंग के साथ ही अन्य सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसे कंक्रीट, लकड़ी या अन्य किसी मैटेरियल से डिजाइन किया जा सकता है। इसके लिए प्लान किया जा रहा है। वहीं फड़ी वालों के लिए कियोस्क बनाए जाएंगे। उन्हें हटाने की बजाय व्यवस्थित करने की योजना है। इसमें साइकिल की पार्किंग की व्यवस्था भी होगी। वहीं नेत्रहीन व व्हीलचेयर वालों के लिए भी पूरी व्यवस्था होगी।