फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Non covid patients are making rounds of the hospital for ultrasound

गैर कोविड मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए लगा रहे अस्पताल के चक्कर

Fri, 03 Sep 2021 02:20 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 02:20 AM IST
विज्ञापन
Non covid patients are making rounds of the hospital for ultrasound
चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के बावजूद गैर-कोविड मरीजों को राहत नहीं मिली है। स्थिति यह है कि तमाम मुश्किलों के बाद ओपीडी में दिखाने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने केलिए कई दिनों तक अस्पताल केचक्कर काटने पड़ रहे हैं। जल्दी इलाज मिलने की उम्मीद में गरीब व जरूरतमंद मरीजों को सरकारी सुविधा होने केबावजूद ज्यादा पैसे खर्च कर निजी सेंटरों में जांच कराना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करते हुए भीड़ से बचाव केलिए तय संख्या से ज्यादा मरीजों को अगली डेट पर बुलाया जा रहा है। कोरोना के कारण जब स्थिति भयावह थी, तब मरीजों को संक्रमण की बात कहकर वापस कर दिया जा रहा था। मरीजों का कहना है कि जब कोरोना के मरीज नहीं हैं तो सामान्य मरीजों के इलाज में देरी क्यों की जा रही है।
विज्ञापन

गैर-कोविड मरीजों की अब भी फजीहत
जीएमएसएच-16 में मेरा इलाज चल रहा था। ओपीडी में देखने केबाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। अस्पताल में कई दिन बाद की डेट मिल रही थी, इसलिए मुझे निजी सेंटर में ज्यादा पैसे खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा।
विज्ञापन

-नंदिनी देवी, हल्लोमाजरा
आखिर महामारी केनाम पर कब तक अन्य मरीजों को परेशान किया जाएगा। गरीब व जरूरतमंद मरीज निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च कर इलाज नहीं करवा सकता। उन लाखों मरीजों के बारे में सोचने की जरूरत है। ऐसा न हो कि इलाज के इंतजार में वे जिंदगी की जंग हार जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-धर्मवीर सिसौदिया, धनास
बॉक्स
अस्पताल प्रशासन संक्रमण का दे रहा हवाला
जीएमसीएच-32 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग व जीएमएसएच-16 केचिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल इलाज में देरी के लिए संक्रमण से बचाव के मानकों का हवाला दे रहे हैं। डॉ. सुधीर का कहना है कि इमरजेंसी और ट्रामा के मरीजों की जांच तत्काल की जाती है, लेकिन सामान्य मरीजों को उनकेक्रम केअनुसार बुलाया जाता है। डॉ. नागपाल का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट का प्रयास होता है कि वह ज्यादा से ज्यादा मरीजों की जांच करे, लेकिन इसके लिए सुरक्षा के मानकों की अनदेखी नहीं की जा सकती क्योंकि अल्ट्रासाउंड केदौरान डॉक्टर और मरीज का सीधा संपर्क होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed