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पुटा चुनाव: खालिद-सिद्धू ग्रुप के साथ हाथ मिला सकता है भाजपा ग्रुप, नामांकन आज

Sun, 13 Sep 2020 11:30 AM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 13 Sep 2020 11:30 AM IST
सार

  • गोयल ग्रुप अलग उम्मीदवार उतारने की तैयारी में, इस ग्रुप से मृत्युंजय कुमार हो सकते हैं अध्यक्ष पद के दावेदार
  • इस बार दोनों ही ग्रुपों में कांटे की टक्कर, शिक्षकों को अपना बनाने में जुटे ग्रुप, जीत की राह किसी के लिए आसान नहीं

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Nomination for Panjab University Teachers Association Election today
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) के चुनाव में इस बार तीन ग्रुप एक आ सकते हैं। खालिद-सिद्धू ग्रुप के साथ भाजपा ग्रुप भी आने की तैयारी कर रहा है। अंदरखाते वह पूरी तरह इन्हें सपोर्ट करेंगे। वहीं गोयल ग्रुप से मृत्युंजय कुमार अध्यक्ष पद के दावेदार हो सकते हैं। हालांकि अंतिम मोहर लगना अभी बाकी है। मृत्युंजय दो बार पुटा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। दोनों ही ग्रुपों में इस बार कांटे की टक्कर होगी। जीत-हार 40 से 50 वोटों से ही होगी। 13 सितंबर को दोनों ही ग्रुप नामांकन करवाएंगे। नामांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

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प्रो. मुहम्मद खालिद का अपना लंबा अनुभव रहा है। वह पुटा में अध्यक्ष भी रहे और सचिव भी। सीनेट में भी पहुंचे। शिक्षण व रिसर्च कार्य से वह लंबे समय से जुड़े हैं। शिक्षकों के मुद्दों को वह बखूबी जानते हैं। एग्जीक्यूटिव के रूप में वह पिछले 12 साल में कई बार चुने गए हैं। इसी तरह बॉटनी विभाग से प्रो. एमसी सिद्धू मैदान में हैं। 
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वह सीनेट में निर्दलीय चुनाव जीतकर पहुंचे थे। साथ ही पुटा में सचिव भी वह निर्विरोध चुने गए थे। उनकी अच्छी छवि है। साथ ही हर विभाग के शिक्षकों के साथ तालमेल बेहतर है। उनके पास अपने काफी वोट हैं। प्रो. खालिद व प्रो. सिद्धू के एक होने के बाद भाजपा ग्रुप ने भी साथ देने को कहा है। हालांकि सार्वजनिक घोषणा नहीं की है। वहीं गोयल ग्रुप से मृत्युंजय कुमार अध्यक्ष पद के दावेदार हुए तो वह सबके लिए परेशानी खड़ी करते सकते हैं। उनके पास लाइब्रेरी जगत से जुड़े दर्जनों वोट हैं। वहीं गोयल ग्रुप से जुड़े चार से पांच ग्रुप भी इन्हें वोट दिलवाएंगे। ऐसे में उन्हें कम नहीं आंका जा सकता।
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भाजपा ग्रुप के पास हैं 80 से अधिक वोट, जिसके पक्ष में गए उसकी जीत की राह आसान
पीयू के भाजपा ग्रुप के पास 80 से अधिक शिक्षकों के वोट हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के वोट एक जगह रहे तो फिर किसी न किसी एक पक्ष की जीत आसान हो सकती है। हालांकि भाजपा अपने फाइनल पत्ते 13 सितंबर को खोल सकती है। समर्थन देने की भी घोषणा कर सकती है। पिछले पुटा चुनाव में भाजपा ग्रुप, प्रो. खालिद ग्रुप एक ही थे। ऐसे में भाजपा ग्रुप प्रो. खालिद से अलग नहीं जा सकता। 


कहा जा रहा है कि यदि भाजपाई अलग से अपने सदस्य मैदान में लाएंगे तो फिर गोयल ग्रुप के लिए जीत आसान हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि जिसके पास 250 वोट होंगे तो उसकी जीत लगभग पक्की होगी। कैंपस में गोयल ग्रुप का दबदबा हमेशा से रहा है। शिक्षकों पर भी उनकी पकड़ है। अब देखना है कि यह पकड़ इस बार कितनी काम आएगी।

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