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हरियाणा में पेड़ कटाई के लिए नए नियम: एनओसी प्रक्रिया होगी आसान, मंत्री नरबीर ने दिए निर्देश
Tue, 15 Jul 2025 10:52 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 15 Jul 2025 10:52 PM IST
सार
सार्वजनिक या निजी कार्यों पर पेड़ काटने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र को सरल किया जाएगा। वन मंत्री राव नरबीर ने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर इसके निर्देश दिए हैं।
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राव नरबीर, वन मंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राज्य में सार्वजनिक या निजी कार्यों पर पेड़ काटने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रक्रिया को सरल किया जाएगा। वन मंत्री राव नरबीर ने टेंडर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश देते हुए आवेदन में आने वाली आपत्तियों को एक ही बार में दर्ज करने के निर्देश दिए। वन मंत्री मंगलवार को हरियाणा निवास में वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मंत्री ने पौधरोपण के लिए तय गड्ढा खुदाई की 24 रुपये प्रति गड्ढा दर को अधिक बताकर दाम कम करने को कहा। विभाग में किसी भी प्रकार की खरीद से पहले मंत्री स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही राज्य में टेंडर प्रक्रिया में जवाबदेही तय होगी। टेंडर प्रक्रिया को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए दिल्ली व अन्य राज्यों की टेंडर प्रणाली का अध्ययन करेंगे। बैठक में विभाग के एसीएस आनंद मोहन शरण, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड के डीएफओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिकारियों को राज्य गठन से अब तक लगाए गए पौधों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग की सभी नर्सरियों में पौधों का वार्षिक रोटेशन और परिपक्क्वता तय करने को कहा है। सड़कों के किनारे हर साल न्यूनतम 10 फीसदी काबुली कीकर (बबूल) को हटाकर उसकी जगह उपयुक्त पौधे लगाने को कहा। उन्होंने किसानों को खेतों में सफेदा लगाने से भी रोकने को कहा।
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मंत्री ने पौधरोपण के लिए तय गड्ढा खुदाई की 24 रुपये प्रति गड्ढा दर को अधिक बताकर दाम कम करने को कहा। विभाग में किसी भी प्रकार की खरीद से पहले मंत्री स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही राज्य में टेंडर प्रक्रिया में जवाबदेही तय होगी। टेंडर प्रक्रिया को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए दिल्ली व अन्य राज्यों की टेंडर प्रणाली का अध्ययन करेंगे। बैठक में विभाग के एसीएस आनंद मोहन शरण, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड के डीएफओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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मंत्री ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिकारियों को राज्य गठन से अब तक लगाए गए पौधों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग की सभी नर्सरियों में पौधों का वार्षिक रोटेशन और परिपक्क्वता तय करने को कहा है। सड़कों के किनारे हर साल न्यूनतम 10 फीसदी काबुली कीकर (बबूल) को हटाकर उसकी जगह उपयुक्त पौधे लगाने को कहा। उन्होंने किसानों को खेतों में सफेदा लगाने से भी रोकने को कहा।
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