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वोट मांगने वाले दिग्गज खुद नहीं डाल सकेंगे वोट
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 13 Apr 2014 01:18 PM IST
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पिछले कई दिनों से रोजाना 18 से बीस घंटे चुनाव मैदान में उतर कर अपने हक में लोगों को वोट डालने के लिए कहने वाले राज्य के कई दिग्गज उम्मीदवार तीस अप्रैल को खुद को ही वोट नहीं दे सकेंगे। कई दिग्गजों के उस क्षेत्र में ही वोट नहीं है जहां वे प्रचार कर रहे हैं।
इनमें अमृतसर से कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह, अकाली दल भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली, श्री आनंदपुर साहिब से कांग्रेस की उम्मीदवार अंबिका सोनी, गुरदासपुर से भाजपा के उम्मीदवार विनोद खन्ना, लुधियाना लोकसभा से कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू और आप के एचएस फूलका का नाम शामिल है।
राज्य में सबसे ज्यादा रोमांचक मुकाबला अमृतसर सीट पर होने जा रहा है लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली दोनों की ही यहां वोट नहीं बनी है। कैप्टन की वोट पटियाला में है तो जेटली का नाम गुजरात में बतौर मतदाता रजिस्टर्ड हैं।
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इसके साथ ही लुधियाना में अकाली दल के उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली और आजाद प्रत्याशी सिमरजीत सिंह बैंस के वोट तो अपने क्षेत्र में है, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू पायल की वोटर सूची में है वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार एचएस फूलका नई दिल्ली क्षेत्र की वोटर सूची में शामिल हैं।
हालांकि फूलका अपने चुनाव प्रचार के दौरान नई दिल्ली में हुए मतदान में भी वोट डालने नहीं जा सके। श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र में अकाली दल और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों के वोट नहीं है।
अकाली दल उम्मीदवार प्रेम सिंह चंदूमाजरा की वोट पटियाला और कांग्रेस उम्मीदवार अंबिका सोनी की वोट होशियारपुर में है। वहीं होशियारपुर से भाजपा उम्मीदवार विजय सांपला और कांग्रेसी उम्मीदवार महिंदर सिंह केपी दोनों की वोट जालंधर में है।
इन क्षेत्रों को छोड़ कर पटियाला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट और संगरूर ऐसे लोकसभा क्षेत्र हैं जहां वहीं के उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव में किसी भी क्षेत्र में बाहरी उम्मीदवार को भेज दिया जाता है।
वोट बनाने का समय निकल जाने के कारण और उम्मीदवार की ऐलान की देरी में उम्मीदवार की वोट बनने से रह जाती है। चुनाव अधिकारी रजत अग्रवाल ने माना कि कई उम्मीदवारों की उनके लोकसभा क्षेत्र में वोट नहीं है, लेकिन इससे कुछ फर्क भी नहीं पड़ता।
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इनमें अमृतसर से कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह, अकाली दल भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली, श्री आनंदपुर साहिब से कांग्रेस की उम्मीदवार अंबिका सोनी, गुरदासपुर से भाजपा के उम्मीदवार विनोद खन्ना, लुधियाना लोकसभा से कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू और आप के एचएस फूलका का नाम शामिल है।
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राज्य में सबसे ज्यादा रोमांचक मुकाबला अमृतसर सीट पर होने जा रहा है लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और भाजपा के उम्मीदवार अरुण जेटली दोनों की ही यहां वोट नहीं बनी है। कैप्टन की वोट पटियाला में है तो जेटली का नाम गुजरात में बतौर मतदाता रजिस्टर्ड हैं।
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इसके साथ ही लुधियाना में अकाली दल के उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली और आजाद प्रत्याशी सिमरजीत सिंह बैंस के वोट तो अपने क्षेत्र में है, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार रवनीत सिंह बिट्टू पायल की वोटर सूची में है वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार एचएस फूलका नई दिल्ली क्षेत्र की वोटर सूची में शामिल हैं।
हालांकि फूलका अपने चुनाव प्रचार के दौरान नई दिल्ली में हुए मतदान में भी वोट डालने नहीं जा सके। श्री आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र में अकाली दल और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों के वोट नहीं है।
अकाली दल उम्मीदवार प्रेम सिंह चंदूमाजरा की वोट पटियाला और कांग्रेस उम्मीदवार अंबिका सोनी की वोट होशियारपुर में है। वहीं होशियारपुर से भाजपा उम्मीदवार विजय सांपला और कांग्रेसी उम्मीदवार महिंदर सिंह केपी दोनों की वोट जालंधर में है।
इन क्षेत्रों को छोड़ कर पटियाला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट और संगरूर ऐसे लोकसभा क्षेत्र हैं जहां वहीं के उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव में किसी भी क्षेत्र में बाहरी उम्मीदवार को भेज दिया जाता है।
वोट बनाने का समय निकल जाने के कारण और उम्मीदवार की ऐलान की देरी में उम्मीदवार की वोट बनने से रह जाती है। चुनाव अधिकारी रजत अग्रवाल ने माना कि कई उम्मीदवारों की उनके लोकसभा क्षेत्र में वोट नहीं है, लेकिन इससे कुछ फर्क भी नहीं पड़ता।