बुरी खबर: देशभर में नहीं हटेंगे टोल बैरियर
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हरियाणा समेत देश के सभी नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को टोल टैक्स से राहत नहीं मिलेगी। यह घोषणा केंद्रीय सड़क, परिवहन और जहाजरानी राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बुधवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए की।
उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे बिल्ट, ऑपरेट, ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर अपग्रेड किए जा रहे हैं। इसके बदले टोल नीति 2008 और 2010 में बनाई गई थी। जो नेशनल हाईवे 2008 की नीति के अनुसार बनाए गए, उन पर टोल दरें ज्यादा हैं जबकि 2010 की टोल नीति में टोल दरें कम हैं।
इसलिए इन पुरानी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा। इसका मुख्य कारण है कि ये समझौते सरकार के साथ किए होते हैं और सरकार बदलने के साथ पुरानी टोल नीति को नहीं बदला जा सकता। जहां पर टोल वसूलने वाली कंपनियां उल्लंघन कर रही हैं, वहां की समीक्षा जरूर की जाएगी।
नेशनल हाईवे अपग्रेड के लिए केंद्र के पास पैसा नहीं
गुज्जर ने कहा कि अब तो कंपनियां इसलिए काम छोड़ रही हैं क्योंकि टोल दरों से उनकी रिकवरी नहीं हो रही। बैंकों ने उन्हें कर्ज देना बंद कर दिया है। देश में इस समय 60,000 करोड़ रुपये के नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट रुके पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र के पास इतना पैसा नहीं है कि अपने पास से नेशनल हाईवे अपग्रेड किए जा सकें। यह तो सिर्फ बीओटी आधार पर ही सकते हैं। जमीन की कीमत कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जमीन का अधिग्रहण नई नीति से करने पर भी नेशनल हाईवे को एक साल की छूट है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टोल समाप्त नहीं किया जा सकता। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार टोल दरें नहीं घटा सकती। टोल नेशनल हाईवे पर लग रहा है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का फिलहाल उन्हें कोई पत्र नहीं मिला है। अगर पत्र मिलेगा तो वे सहानुभूति से विचार करेंगे और जवाब भेज देंगे।
यह पूछे जाने पर कि सीएम ने तो टोल फीस कम करने की बात कही है और एक कमेटी गठित कर रखी है तो मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार कुछ नहीं कर सकती। सड़कें नेशनल हाईवे अथॉरिटी की हैं।
पानीपत-जालंधर एनएच पर अब शुरू होगा काम
मंत्री ने कहा कि दो दिन पहले सोमा कंपनी के प्रतिनिधियों से केंद्र की बात हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने पानीपत-जालंधर नेशनल हाईवे को सिक्स लेन बनाने वाली कंपनी सोमा के हक में फैसला सुनाया था।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने उस पर सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। मगर टोल फीस के खाते से सोमा कंपनी को 165 करोड़ रुपये रिलीज कर दिए हैं। सोमा कंपनी से कहा भी है कि वे काम जल्द शुरू करें। सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च, 2015 तक जालंधर-पानीपत हाईवे के सिक्स लेन का काम पूरा करने को कहा है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने बुधवार को खुद इस हाईवे का जायजा लिया।
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी
कुंडली-मानेसर- पलवल एक्सप्रेसवे का काम अपने हाथ में लेने को तैयार है।
इसका काम 2009 तक पूरा हो जाना चाहिए था। केंद्र ने दो दिन पहले हरियाणा
सरकार के अफसर को यह संदेश दे दिया है कि अगर राज्य सरकार दो महीने के भीतर
काम शुरू नहीं करवाती तो केएमपी का काम एनएचएआई करने को तैयार है।
इस पर
2700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिसमें से 1200 करोड़ कंपनी को देने होंगे।
उन्होंने कहा कि यह वेस्टर्न कॉरिडोर है, जिसे जल्द पूरा किया जाना जरूरी
है। गौरतलब है कि केएमपी पर दो साल से काम पूरी तरह ठप है।