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सिमरजीत बैंस को हाईकोर्ट से झटका: भगोड़ा करार देने के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज, जांच में शामिल होने का आदेश
Fri, 10 Jun 2022 07:44 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 10 Jun 2022 07:44 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बैंस की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। साथ ही यह आदेश दिया है कि अगर आरोपी एक हफ्ते में ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश हो जाता है तो उनकी जमानत याचिका पर ट्रायल कोर्ट सुनवाई कर सकता है।
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सिमरजीत सिंह बैंस।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक सिमरजीत बैंस की भगोड़ा करार देने को चुनौती देने वाली याचिका को सिरे से खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उनको एक हफ्ते में जांच में शामिल होने का आदेश दिया है। सिमरजीत बैंस द्वारा दायर याचिका को सिरे से खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया।
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हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को पता था कि उनके खिलाफ दुष्कर्म के मामले को लेकर गत वर्ष 10 जुलाई को एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इस एफआईआर को लेकर कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इस मामले की जांच में वह कभी शामिल ही नहीं हुए। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि वह 8 फरवरी को जांच में शामिल हो चुके हैं और उन्हें उसी दिन छोड़ दिया गया था।
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इस दलील पर सरकार की तरफ से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में मिली अंतरिम जमानत के चलते उनको हिरासत में लिया ही नहीं गया था। वह जांच में शामिल नहीं हो रहे थे जिसके चलते ट्रायल कोर्ट ने 12 अप्रैल को उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें भगोड़ा करार दे दिया था। पंजाब सरकार ने कहा कि यह आदेश बिल्कुल सही थे।
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बैंस के खिलाफ 26 आपराधिक मामले दर्ज हैं और इनमें से कुछ में उन्हें बरी किया जा चुका है। इस मामले की जांच के लिए उनसे पूछताछ बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बैंस की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। साथ ही यह आदेश दिया है कि अगर आरोपी एक हफ्ते में ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश हो जाता है तो उनकी जमानत याचिका पर ट्रायल कोर्ट सुनवाई कर सकता है।