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इन संस्थानों को अब लाइसेंस की जरूरत नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Jul 2014 02:17 PM IST
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चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा अब कॉफी शाप, पिज्जा शाप, फास्ट फूड आउटलेट, गेस्ट हाउस, धर्मशाला को नोटिस नहीं भेजे जाएंगे। इन दुकानदारों को अब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से किसी प्रकार की परमीशन लेने की आवश्यकता भी नहीं होगी।
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चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की 57वीं मीटिंग के दौरान यह निर्णय लिया गया। इससे पहले इन यूनिट्स को पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से पानी और वायु प्रदूषण के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी।
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चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा छोटे ढाबों, मिठाई की दुकानों और गेस्ट हाउस के मालिकों को वेस्ट वाटर के लिए आयल और ग्रीस ट्रैप लगवाना होगा। कोई यूनिट डीजल जनरेटर लगाती है तो उसको इसके लिए बोर्ड से अनुमति लेनी आवश्यक होगी।
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यह दायरे से बाहर
1-बीस लोगों की बैठने की क्षमता वाली काफी शॉप या कम सर्व किए जाने वाले स्नैक्स सेल करने वाली शाप। (मैन्युफैक्चरिंग नहीं)
2-पिज्जा शाप (मैन्युफैक्चरिंग नहीं, सिर्फ पिक एंड मूव सुविधा)
3-फैक्ट्री पैक्ड प्रोसेस्ड मीट प्रोडक्ट की सेल करने वाली यूनिट।
4-बूथ में चल रहे फास्ट फूड आउटलेट। (नो मैन्युफैक्चरिंग)
5-बिना किचन का गेस्ट हाउस।
6-बिना किचन की धर्मशाला।
7-सिटिंग कैपिसिटी के साथ फास्ट फूड आउटलेट। (नो मैन्युफैक्चरिंग)
इन्हें बनाना होगा ग्रीस चैंबर
1-छोटे ढाबा, रेस्टोरेंट (150 स्क्वॉयर फुट एरिया)
2-बिना सिटिंग कैपिसिटी के स्वीट शॉप।
3-किचन की सुविधायुक्त गेस्ट हाउस।
5-किचन की सुविधा के संग धर्मशाला।
7-बूथ में चल रहे फास्ट फूड आउटलेट।
चंडीगढ़ में प्रदूषण के दायरे में काफी यूनिट्स आ गईं थीं। हमने वे यूनिट्स दायरे से बाहर की हैं जिनमें पॉल्यूशन नहीं होता है।
संतोष कुमार, पर्यावरण निदेशक, चंडीगढ़
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा भेजे जाने वाले नोटिस को देखते हुए विभाग से मांग की थी कि कई यूनिट्स को इसके दायरे से बाहर रखा जाए।
चरंजीव सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल