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चंडीगढ़ में पीएम आवास योजना के तहत नहीं बनेंगे नए फ्लैट्स, ये है वजह

Thu, 07 Dec 2017 09:14 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 07 Dec 2017 09:14 AM IST
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No new flats will be built under PM housing scheme
सीएचबी - फोटो : DEMO Pics
चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए फ्लैट्स का निर्माण करने की जरूरत नहीं है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से फ्लैट्स का निर्माण न होने का एक बड़ा कारण यह है कि इस योजना के तहत सर्वे के बाद सिर्फ 500 लोग ही योग्य पाए गए हैं।
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ऐसे में सीएचबी की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि इन 500 को जो इस समय मलोया के पुनर्वास योजना के तहत 4960 फ्लैट्स का निर्माण किया जा रहा है उसमें ही एडस्ट कर दिया जाएगा। जबकि करीब 40 हजार लोग ऐेसे हैं जिन्होंनेसिर्फ पीएम आवास योजना के तहत बैंक लोन की की मांग की थी उनके मामले सीएचबी की ओर से संबंधित बैंक को भेज दिए गए हैं। मलोया में शहर की स्लम कालोनियों में रहने वाले को मिलने है, जिनका साल 2006 के सर्वे में नाम आया हुआ है। यह फ्लैट्स अगले साल पूरी तरह से बन कर तैयार हो जाएंगे। सर्वे में करीब 4 हजार लोगों का नाम है, जिन्हें पुनर्वास योजना के तहत मकान मिलेंगे।
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मालूम हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हाउसिंग फार आल स्कीम के तहत एक लाख 27 हजार 997 लोगों ने आवेदन किया था, जिसमें प्रशासन के संपदा विभाग ने छंटनी और जांच के दौरान ही एक लाख आवेदकों के फार्म में खामियां निकाल दी थी जब एक लाख 27 हजार लोगों ने इस स्कीम के तहत आवेदन किया था तो प्रशासन ने पहले फेज में 10 हजार फ्लैट्स का निर्माण करने के लिए जमीन देने का निर्णय लिया था। इसके तहत 50 एकड़ जमीन सीएचबी को ट्रांसफर करने का फैसला हो गया था। लेकिन अब इस योजना के तहत सिर्फ 450 लोग ही योग्य पाए गए हैं।
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No new flats will be built under PM housing scheme
chandigarh housing board - फोटो : अमर उजाला
ऐेसे में इस योजना के तहत नए फ्लैट्स का निर्माण बनाने की जरूरत नहीं पड़ रही। प्रशासन के संपदा विभाग ने डोर टू डोर वेरिफकेशन करके सफल आवेदकों की सूची तैयार करके सीएचबी को दी है। जबकि असफल रहने वाले आवेदकों से सीएचबी ने आपत्तियां मांगी हुई हैं, जिसके तहत सीएचबी में प्रतिदिन लोगों की लाइनें लग रही है।

सीएचबी के अनुसार ऐसे आवेदकों को सुनवाई की तारीख दी जाएगी। अगर सुनवाई के दौरान सर्वे और जांच के दौरान जो खामी पाई गई है उसे दूर कर देंगे तो उन्हें भी मकान अलाट कर दिया जाए या फिर जिसका बैंक लोन का केस होगा, वह संबंधित बैंक को भेज दिया जाएगा। मालूम हो कि  इस हाउसिंग स्कीम को सभी आवेदकों के आधार लिंक के साथ जोड़ा गया है।

सीएचबी चेयरमैन मनिंदर बैंस का कहना है कि डीसी आफिस द्वारा किए गए सर्वे की जो रिपोर्ट आई है उसके अनुसार पीएम आवास योजना के तहत सिर्फ 500 लोग ही योग्य पाए गए हैं जबकि 40 हजार लोगों के केस संबंधित बैंकों को लोन के लिए भेज दिए गए हैं। जब एक लाख से ज्यादा ने इस स्कीम के तहत आवेदन किया था उस समय लग रहा था कि पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट्स का निर्माण करने की जरूरत पड़ेगी लेकिन अब योग्य लोगों की रिपोर्ट आने के बाद नए फ्लैट्स का निर्माण करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। ऐसे में जिन लोगों के आवेदन में खामियां निकली है उनकेमामलों की सुनवाई की जाएगी सुनवाई के दौरान मामले निपटाते चले जाएंगे।
 
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