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अब ऑनलाइन होगा नक्शा पास, नहीं काटने पड़ेंगे एस्टेट आफिस के चक्कर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 30 Apr 2017 09:56 AM IST
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Municipal Corporation office Chandigarh
- फोटो : File Photo
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न्यू बिल्डिंग बायलॉज नियमों में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गए हैं। हरियाणा बिल्डिंग कोड 2016 के पैटर्न पर चंडीगढ़ अर्बन बिल्डिंग बायलॉज को पहले से आसान कर दिया गया है।
चीफ आर्किटैक्ट कपिल सेतिया ने बताया कि नक्शा पास करवाने के लिए अब लोगों को बिल्डिंग ब्रांच और एस्टेट आफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नए बिल्डिंग बायलॉज के नियमों के तहत अब ऑनलाइन नक्शा पास होगा। इससे न केवल लोगों को धोखाधड़ी से छुटकारा मिलेगा। वहीं, एक महीने के अंदर नक्शा पास होकर मिल जाएगा। नए बायलॉज रूल्स में ईज आफ डूइंग बिजनेस को देखते हुए प्रापर्टी खरीदने से लेकर बेचने तक, इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और प्राइवेट बिल्डिंग रूल्स का सरलीकरण किया गया है।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने न्यू बिल्डिंग बायलॉज को मंजूरी दे दी है। अब प्रशासन की ओर से इस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मांगी जाएगी। इसके लिए विभाग लोगों को एक माह का समय देगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति न्यू बिल्डिंग रूल्स पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेगा। इसके बाद प्रशासन की हाईपावर कमेटी लोगों के सुझाव को अमल में लाकर नोटिफिकेशन जारी करेगी।
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चीफ आर्किटैक्ट कपिल सेतिया ने बताया कि नक्शा पास करवाने के लिए अब लोगों को बिल्डिंग ब्रांच और एस्टेट आफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नए बिल्डिंग बायलॉज के नियमों के तहत अब ऑनलाइन नक्शा पास होगा। इससे न केवल लोगों को धोखाधड़ी से छुटकारा मिलेगा। वहीं, एक महीने के अंदर नक्शा पास होकर मिल जाएगा। नए बायलॉज रूल्स में ईज आफ डूइंग बिजनेस को देखते हुए प्रापर्टी खरीदने से लेकर बेचने तक, इंडस्ट्रियल, कॉमर्शियल और प्राइवेट बिल्डिंग रूल्स का सरलीकरण किया गया है।
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प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने न्यू बिल्डिंग बायलॉज को मंजूरी दे दी है। अब प्रशासन की ओर से इस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मांगी जाएगी। इसके लिए विभाग लोगों को एक माह का समय देगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति न्यू बिल्डिंग रूल्स पर अपनी आपत्ति दर्ज करवा सकेगा। इसके बाद प्रशासन की हाईपावर कमेटी लोगों के सुझाव को अमल में लाकर नोटिफिकेशन जारी करेगी।
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दो शोरूम को जोड़ने को मंजूरी
नगर निगम, चंडीगढ़
- फोटो : demo pics
अब बड़े प्रोजेक्ट्स पर ईसी लेनी की नहीं पड़ेगी जरूरत
बड़े बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स के लिए अब एन्वायरमेंट क्लीयरेंस (ईसी) लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए यूटी प्रशासन ने पर्यावरण मंत्रालय को प्रपोजल बनाकर भेज दिया है। केंद्र सरकार ने जो मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के लिए तैयार किए हैं, उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने न्यू बिल्डिंग बायलॉज रूल्स में शामिल किया है। कपील सेतिया ने बताया कि अब 50 हजार स्क्वेयर फुट से ऊपर के प्रोजेक्ट पर ईसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस पर अब पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी बाकी है।
एक एकड़ से ऊपर के प्लॉट पर बिल्डिंग प्लान जरूरी
न्यू बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक, एक एकड़ से ऊपर के प्लॉट में बिल्डिंग प्लान का डिस्पले जरूरी होगा। वहीं, बिल्डिंग में लगाए गए फायर सेफ्टी, सीढ़ियां, एडिशनल चेंज को बताना जरूरी होगा।
कॉमर्शियल बिल्डिंग प्लान के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन होगी मान्य
कॉमर्शियल बिल्डिंग प्लान के लिए अब सेल्फ सर्टिफिकेशन मान्य होगी। न्यू बिल्डिंग बायलॉज में कॉमर्शियल साइट्स की सेल्फ सर्टिफिकेशन को मंजूरी दी गई है। इससे प्राइवेट आर्किटैक्ट के बिल्डिंग प्लान भी मान्य होंगे।
दो शोरूम को जोड़ने को मंजूरी
न्यू बिल्डिंग बायलॉज में दो शोरूम को एक साथ जोड़ने यानी मर्ज करने की अनुमति दी गई है। पहले यह मंजूरी नहीं थी। वहीं, प्राइवेट और कॉमर्शियल बिल्डिंग प्लान में सीढ़ियों की चौड़ाई भी बढ़ाई गई है।
बड़े बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स के लिए अब एन्वायरमेंट क्लीयरेंस (ईसी) लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए यूटी प्रशासन ने पर्यावरण मंत्रालय को प्रपोजल बनाकर भेज दिया है। केंद्र सरकार ने जो मॉडल बिल्डिंग बायलॉज के लिए तैयार किए हैं, उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने न्यू बिल्डिंग बायलॉज रूल्स में शामिल किया है। कपील सेतिया ने बताया कि अब 50 हजार स्क्वेयर फुट से ऊपर के प्रोजेक्ट पर ईसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस पर अब पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी बाकी है।
एक एकड़ से ऊपर के प्लॉट पर बिल्डिंग प्लान जरूरी
न्यू बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक, एक एकड़ से ऊपर के प्लॉट में बिल्डिंग प्लान का डिस्पले जरूरी होगा। वहीं, बिल्डिंग में लगाए गए फायर सेफ्टी, सीढ़ियां, एडिशनल चेंज को बताना जरूरी होगा।
कॉमर्शियल बिल्डिंग प्लान के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन होगी मान्य
कॉमर्शियल बिल्डिंग प्लान के लिए अब सेल्फ सर्टिफिकेशन मान्य होगी। न्यू बिल्डिंग बायलॉज में कॉमर्शियल साइट्स की सेल्फ सर्टिफिकेशन को मंजूरी दी गई है। इससे प्राइवेट आर्किटैक्ट के बिल्डिंग प्लान भी मान्य होंगे।
दो शोरूम को जोड़ने को मंजूरी
न्यू बिल्डिंग बायलॉज में दो शोरूम को एक साथ जोड़ने यानी मर्ज करने की अनुमति दी गई है। पहले यह मंजूरी नहीं थी। वहीं, प्राइवेट और कॉमर्शियल बिल्डिंग प्लान में सीढ़ियों की चौड़ाई भी बढ़ाई गई है।