Chandigarh: अपने लोगों को मकान बनाकर देने के लिए जमीन नहीं...हरियाणा को विधानसभा के लिए 10 एकड़ जमीन देगा चंडीगढ़ प्रशासन
चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को यह कह कर मकान देने से इनकार कर दिया था कि शहर में जमीन नहीं है।
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चंडीगढ़ यूटी प्रशासन ने हरियाणा सरकार को नई विधानसभा के लिए 10 एकड़ जमीन देने का फैसला किया है। इसका कहीं स्वागत तो कहीं विरोध हो रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के वे लाभार्थी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, जो आवेदन करने के बाद सभी चरणों को पूरा कर मकान मिलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सीएचबी ने यह कहते हुए मकान देने से इनकार कर दिया कि शहर में जमीन नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन हाउसिंग फॉर ऑल’ योजना की शुरुआत की थी। योजना के लांच होने के बाद चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने कहा था कि जिनके नाम पर कहीं भी कोई संपत्ति नहीं हो, उन्हें बना बनाया मकान दिया जाएगा। इसके लिए करीब सवा लाख लोगों ने आवेदन किया। इनमें से 10,132 लोगों को सफल पाया गया। कई तरह के सर्वे किए गए और फिर सीएचबी ने 444 लोगों की आखिरी सूची जारी की। इन परिवारों को योजना के तहत मकान बनाकर देना था। कई साल तक ये लोग इंतजार करते रहे लेकिन आज तक एक को भी मकान नहीं मिला। बोर्ड ने केंद्र को लिख दिया कि शहर में जमीन कम है और जो जमीन है, उसके दाम काफी ज्यादा है इसलिए वह लोगों को मकान बना कर नहीं देसकता।
कहा- चंडीगढ़ में जमीन कम है
प्रशासन ने केंद्र को पत्र भेजकर पीएमएवाई प्रोजेक्ट के लिए 3.1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के रेट पर जमीन की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने प्रशासन की मांग को ठुकराते हुए जमीन को मार्केट रेट से कम पर देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए और आवेदकों को क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) में ही विलय कर दिया गया। कहा गया कि चंडीगढ़ में जमीन कम है और जो जमीन बोर्ड के पास है, उसका दाम काफी ज्यादा है।
सूची में नाम आने के बाद कहा- लोन ले लो
वर्ष 2017 में आवेदन करने के बाद सर्वे हुआ था। उसमें नाम आया था। पहले कहा गया था कि घर आवंटित किया जाएगा, जिसकी हर महीने किस्तें भरनी होंगी लेकिन जब लिस्ट में नाम आया तो कहा गया कि बैंक ऑफ इंडिया से लोन ले लो। - इंदर पाल, धनास निवासी
जितना लोन दे रहे थे, उसमें घर नहीं मिलता
आवास योजना के लिए मैंने आवेदन किया था। कई सूची आई। सभी में मेरा नाम था। उसके बाद हमें कहा गया कि लोन ले लो। लोन लेने के बाद भरेंगे कैसे, इसलिए नहीं लिया। वैसे भी जितने पैसों का लोन दे रहे थे, उसमें मकान नहीं मिल सकता था। - राजन कुमार, मलोया निवासी
किसी को मकान नहीं मिला
आवास योजना में किसी को मकान नहीं मिला। कुछ लोगों को जगह देखकर लोन लेने को कह दिया। मैंने सेक्टर-9 हाउसिंग बोर्ड, सीटीयू वर्कशॉप कई जगह लाइनें लगाईं। रसीद भी दी गई। कई के कागज भी जमा हुए लेकिन किसी को मकान नहीं मिला। - बालमुकुंद गौतम, दड़वा निवासी