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नवजोत बोलीं, सिगरेट पर वैट न बढ़ाया तो जाऊंगी हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 06 Feb 2014 12:43 PM IST
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सिगरेट पर वैट घटाने को लेकर भाजपा की मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सिगरेट पर वैट घटाने को पंजाब के लिए घातक करार दिया है।
इसके साथ ही कहा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखा गया है। यदि 15 दिनों के अंदर इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वह इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगी।
डॉ. कौर ने कहा कि यह दुख की बात है कि जिन गुरुओं ने तंबाकू से दूर रहने की शिक्षा दी, उनकी धरती पर ही तंबाकू उत्पादों पर सबसे कम टैक्स है।
राजस्थान ने पिछले दो वर्षों में तंबाकू उत्पादों पर वैट 12.5 से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। यूपी सरकार ने सिगरेट पर वैट 17 से 50 फीसदी और तंबाकू उत्पादों पर 18.5 से 30 फीसदी कर दिया, लेकिन पंजाब ने तंबाकू उत्पादों पर वैट 55 से घटाकर 22 फीसदी कर दिया।
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उन्होंने कहा कि बहुत से शोध बताते हैं कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने से उनका सेवन घटा है। डब्ल्यूएचओ ने भी सिफारिश की है कि तंबाकू उत्पादों की कीमत का 65-70 फीसदी टैक्स होना चाहिए। तंबाकू उत्पादों पर वैट घटाने से कैंसर के मामलों में और भी बढ़ जाएंगे।
इसलिए पंजाब में इन पर वैट 60-65 फीसदी कर दिया जाना चाहिए। डॉ. नवजोत कौर ने कहा कि एक डॉक्टर होने के नाते वह इस मामले की गंभीरता को समझ सकती हैं कि इसके कितने घातक परिणाम होंगे। वैट घटाने के समय
उन्होंने बतौर सीपीएस फाइल पर नोट भी लिखा था कि वैट नहीं घटाना चाहिए, क्योंकि ऐसा किए जाने से प्रदेश में कैंसर के केस बढ़ने का खतरा अधिक हो जाएगा।
उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सीएम इसके बाद भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देंगे। उन्होंने कहा कि शायद सेहत विभाग ने सीएम को इस बारे में सही तरीके से समझाया नहीं है, इसलिए उन्होंने वैट घटाने के लिए मंजूरी दे दी है।
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इसके साथ ही कहा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखा गया है। यदि 15 दिनों के अंदर इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वह इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगी।
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डॉ. कौर ने कहा कि यह दुख की बात है कि जिन गुरुओं ने तंबाकू से दूर रहने की शिक्षा दी, उनकी धरती पर ही तंबाकू उत्पादों पर सबसे कम टैक्स है।
राजस्थान ने पिछले दो वर्षों में तंबाकू उत्पादों पर वैट 12.5 से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। यूपी सरकार ने सिगरेट पर वैट 17 से 50 फीसदी और तंबाकू उत्पादों पर 18.5 से 30 फीसदी कर दिया, लेकिन पंजाब ने तंबाकू उत्पादों पर वैट 55 से घटाकर 22 फीसदी कर दिया।
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उन्होंने कहा कि बहुत से शोध बताते हैं कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने से उनका सेवन घटा है। डब्ल्यूएचओ ने भी सिफारिश की है कि तंबाकू उत्पादों की कीमत का 65-70 फीसदी टैक्स होना चाहिए। तंबाकू उत्पादों पर वैट घटाने से कैंसर के मामलों में और भी बढ़ जाएंगे।
इसलिए पंजाब में इन पर वैट 60-65 फीसदी कर दिया जाना चाहिए। डॉ. नवजोत कौर ने कहा कि एक डॉक्टर होने के नाते वह इस मामले की गंभीरता को समझ सकती हैं कि इसके कितने घातक परिणाम होंगे। वैट घटाने के समय
उन्होंने बतौर सीपीएस फाइल पर नोट भी लिखा था कि वैट नहीं घटाना चाहिए, क्योंकि ऐसा किए जाने से प्रदेश में कैंसर के केस बढ़ने का खतरा अधिक हो जाएगा।
उन्हें उम्मीद नहीं थी कि सीएम इसके बाद भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देंगे। उन्होंने कहा कि शायद सेहत विभाग ने सीएम को इस बारे में सही तरीके से समझाया नहीं है, इसलिए उन्होंने वैट घटाने के लिए मंजूरी दे दी है।