फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   no help in dc office building in chandigarh

डीसी ऑफिस की बिल्डिंग में डेस्क तो है पर हेल्प नहीं

Mon, 13 Jul 2015 04:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 13 Jul 2015 04:27 PM IST
विज्ञापन
no help in dc office building in chandigarh

यूटी प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी एडवाइजर के आदेशों की भी परवाह नहीं कर रहे। लोगों की सुविधा के लिए शुरू किए गए पब्लिक कैंप अब उन्हीं के लिए मुसीबत बन रहे हैं।

विज्ञापन


दफ्तरों में कोई फरियाद लेकर पहुंचता है तो उसे सीधा पब्लिक कैंप में आने के लिए कहा जा रहा है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन


खासकर ई-संपर्क सेंटर्स पर लोगों को अनसुना किया जा रहा है। सेक्टर-8 में आयोजित एस्टेट ऑफिस के पब्लिक कैंप में एडवाइजर विजय कुमार देव ने अधिकारियों और बाबुओं को साफ निर्देश देते हुए कहा था कि जो मामले कैंप से पहले निपट सकते हैं, उन्हें कैंप के इंतजार में न छोड़ा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बावजूद बाबू मामलों को लटका रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले सेक्टर-17 स्थित डीसी ऑफिस बिल्डिंग में बने ई-संपर्क सेंटर के आ रहे हैं।

यहां हेल्प डेस्क पर अधिकारी ने बैठना ही छोड़ दिया है। ई-संपर्क सेंटर पर काफी देर से इंतजार में खड़े नेहरू कॉलोनी निवासी महेश ने बताया कि वह दो दिनों से अपनी समस्या के निदान को आ रहे हैं। लेकिन बाबु सुनते ही नहीं हैं।


बस यही कहते हैं जो भी समस्या है, पब्लिक कैंप में आना। अधिकारियों ने जरूरी काम दे रखा है, अभी सब उसमें व्यस्त हैं।

एस्टेट ऑफिस में प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए पहुंचे सेक्टर-37 निवासी मुनीष दीक्षित ने बताया कि वह भी बाबुओं के बहानों से परेशान हैं। उन्हें भी प्रॉपर्टी ट्रांसफर के लिए पब्लिक कैंप में ही आने के लिए कहा जा रहा है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed