मोदी आए, बोले और निकल गए, लोग खाली हाथ देखते रहे
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ आए, एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, दीक्षांत समारोह में डिग्रियां बांटीं, रैली ग्राउंड में भाषण पिलाया और ऋषिकेश के लिए निकल गए। चंडीगढ़ के लोगों को उनसे काफी उम्मीद थी कि शहर को कुछ देकर जाएंगे। मगर मौका चुनाव का नहीं था, इसलिए मोदी ने कोई वादा तक करने की जरूरत नहीं समझी।
स्थानीय भाजपा नेता और सांसद प्रधानमंत्री को शहर की जरूरतों का आभास करवा पाने में पूरी तरह विफल रहे। उम्मीद थी कि पिछले बजट में चंडीगढ़ को कम धन आवंटित कर जो चपत लगाई गई थी, उसकी भरपाई होगी। मगर ऐसा कुछ नहीं किया गया।
लोकसभा चुनाव से पहले मोदी ने चंडीगढ़ में जो रैली कर अनेक वायदे किए थे मगर डेढ़ साल के अंतराल में जब प्रधानमंत्री बनकर आए तो उन सबको भूल चुके थे। चंडीगढ़ के लोगों को उम्मीद है कि अगले चुनाव से पहले मोदी चंडीगढ़ आए तो जरूर कुछ वादे करेंगे।
निराश लोगों की प्रतिक्रियाएं
व्यापारी वर्ग
व्यापार मंडल ने भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को माध्यम से प्रधानमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन दे दिया था। रैली में मोदी ने इनका जिक्र तक नहीं किया। व्यापारी मिसयूज और वायलेशन के जुर्माने का रेट कम करने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने प्रस्ताव पास कर दिया है और केंद्रीय गृहमंत्रालय को मंजूरी देनी है मगर मोदी इस पर चुप्पी साध गए। व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि अगर व्यापारियों की समस्याएं दूर करने की घोषणा हो जाती तो अच्छा होता।
मेट्रो के लिए चाहिए 15 हजार करोड़
केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ में मेट्रो चलाने को मंजूरी दे दी है। लेकिन मेट्रो के लिए 15 हजार करोड़ से अधिक धन की जरूरत होगी। यूटी प्रशासन के लिए मेट्रो के लिए पैसा जुटाना बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रशासन को इस प्रोजेक्ट के लिए मोदी से किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद थी।
ग्रामीण
चंडीगढ़ के ग्रामीण लाल डोरे का दायरा बढ़ाने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं। समय-समय पर भाजपा नेताओं को इससे अवगत करवाया गया मगर मोदी लाल डोरे पर ग्रामीणों को यह उपदेश देकर निकल गए कि लाल डोरा-लाल डोरा कहने से कुछ नहीं होगा।
पंजाब व हरियाणा का ज्यादा लग रहा था समारोह
शुक्रवार को आयोजित समारोह चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने तीस लाख रुपये खर्च किया मगर मंच पर ज्यादा बातें पंजाब और हरियाणा को लेकर ही हुईं।