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कैब के लिए लाइसेंस लेने की सोच रहे हैं, एक नियम में बड़ा बदलाव

Sat, 29 Oct 2016 05:55 PM IST
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
बलवान करिवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 29 Oct 2016 05:55 PM IST
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no compulsion of cctv camera in cab from diwali, chandigarh administration notice
taxi shimla
चंडीगढ़ में अपनी कैब दौड़ने के लिए लाइसेंस लेने की सोच रहे हैं, पढ़ लिजिए बेहद जरूरी और राहत भरी खबर। दरअसल, कैब के अंदर अब सीसीटीवी लगाना अनिवार्य नहीं होगा। यूटी प्रशासन ने ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन के लिए लागू की जाने वाली पॉलिसी से यह शर्त हटा ली है।
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प्रशासन ने यह फैसला एप कैब कंपनियों की आपत्ति के बाद लिया है। एप कैब कंपनियों ने अपनी आपत्ति में कहा था कि सीसीटीवी से कैब में सफर करने वाले यात्रियों की निजता का हनन होगा। साथ ही सीसीटीवी फुटेज का रिकार्ड रखना भी काफी मुश्किल है।
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सीसीटीवी फुटेज का दुरुपयोग होने की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ जाएंगी। इन सब बातों पर गौर करने के बाद प्रशासन ने पॉलिसी से सीसीटीवी लगाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। एप कैब पॉलिसी लगभग फाइनल हो गई है।
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शहर में ओला, टैक्सी फॉर श्योर और उबर एप कैब कंपनी शहर में अपनी सेवाएं दे रही हैं। रेडियो और वेब कैब की तरह शहरवासियों की सुरक्षा को देखते हुए नई पॉलिसी बनाई गई है।

यह है एप कैब पॉलिसी

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टैक्सी चालकों की हड़ताल के दौरान खड़ी गाड़ियां - फोटो : amar ujala
एप कैब आपरेटर यानी संचालक को अपनी कंपनी को कंपनी एक्ट-2013 के तहत रजिस्ट्रड करवाना अनिवार्य होगा। कंपनी रजिस्ट्रड करवाने के लिए आपरेटर के पास कम से कम 100 टैक्सी होनी चाहिए। कंपनी का शहर में अपना चौबिसो घंटे सातों दिन खुलने वाला कॉल सेंटर होना चाहिए।

इन सब शर्तो को पूरा करने पर ही आपरेटर को शहर में एप कैब चलाने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा। एप कैब संचालक को 5 साल के लिए परमिट दिया जाएगा। एप कैब संचालक को एसटीए के पास सभी टैक्सियों व ड्राइवर का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। दूसरे राज्यों की कैब को शहर में प्रवेश करने पर एंट्री टैक्स चुकाना होगा।

एप कैब पॉलिसी से सीसीटीवी लगाने की शर्त हटा ली गई है। यात्रियों की निजता का हनन न हो इस बात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बदलाव के बाद नवंबर के आखिर तक पॉलिसी लागू किए जाने की संभावना है।
- राजीव तिवारी, एडीशनल सेक्रेटरी, एसटीए
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