{"_id":"c9f1cd8baafdb627cfe92f1e9fc6f2b0","slug":"no-candy-will-instead-of-change-rupees-at-toll-plaza-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टोल प्लाजा पर अब छुट्टे के बदले नहीं मिलेगी टॉफी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टोल प्लाजा पर अब छुट्टे के बदले नहीं मिलेगी टॉफी
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Jan 2016 01:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब में टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को अब छुट्टे के बदले टॉफी नहीं थमाई जाएंगी। पिछले दिनों टोल प्लाजा पर रोजाना करीब 25 हजार रुपये तक की टॉफियों की बिक्री की बात सामने आई थी, लेकिन अब टोल टैरिफ के तहत पूरे-पूरे चार्ज वसूली को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब इनफ्रास्ट्रक्चर रेगुलेटरी अथॉरिटी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा टोल प्लाजा की दरें राउंड फिगर में करने पर भी विचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
ट्रैफिक एडवाइजर नवदीप असीजा ने पंजाब सरकार के समक्ष छुट्टे के बदले टॉफियों का मुद्दा उठाया था। इसी पर कार्रवाई करते हुए मामले में रेगुलेटरी अथॉरिटी ने चार टोल कंपनियों को तलब किया था। तीन कंपनियां सुनवाई के लिए पहुंचीं और सुनवाई के दौरान पीआईडीबी के एएमडी योगेश गोयल और लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर के के गर्ग भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
असीजा ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरबीआई ने एक नोटिफिकेशन जारी कर स्पष्ट किया है कि टोल कंपनियों को छुट्टे के लिए पर्याप्त सिक्के उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि लोगों को छुट्टे के बदले टॉफियां न देनी पड़े। इसी पर गर्ग ने कहा कि सभी एक्सईएन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह टोल टैरिफ को सही तरीके से लागू कराने के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान टोल कंपनियों ने भी स्वीकार किया कि वह नियमों का पालन करेंगी। यह भी बताया कि प्रत्येक माह आरबीआई से छह लाख रुपये के सिक्के लिए जा रहे हैं। गर्ग ने यह बात भी रखी कि वैसे अब तक ऐसी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन यदि शिकायत मिलती है तो उचित कार्रवाई होगी।
यह भी कहा कि सभी एक्सईएन को निर्देश दिए गए हैं कि वह पंजाब के टोल प्लाजा की 30 दिसंबर तक कि सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर पता लगाएं कि क्या किसी व्यक्ति को छुट्टे की जगह टॉफी तो नहीं दी गई। यह सुझाव भी दिया गया कि छुट्टे की समस्या दूर करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन पर भी विचार किया जाना चाहिए।
ऐसी व्यवस्था देश के कई टोल प्लाजा पर चल रही है। इसके अलावा यह सुझाव भी पेश किया गया कि टोल दरें पांच रुपये की गिनती के हिसाब से राउंड फिगर में करने पर विचार किया जाना चाहिए।