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20 मार्च को सफर के लिए निकलने से पहले पढ़ लें जरूरी खबर, फायदे में रहेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 19 Mar 2017 10:41 AM IST
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haryana roadways
- फोटो : अमर उजाला
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अगर आप 20 मार्च को सफर पर निकलने की सोच रहे हैं तो यह खबर पढ़कर ही निकले। नहीं तो भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा 20 मार्च को दिल्ली कूच के लिए एहतियात के तौर पर उपायुक्त ने रोडवेज जीएम को बसें न चलाने के आदेश जारी किए हैं। जाटों द्वारा ट्रैक्टरों पर सवार होकर दिल्ली की ओर बढ़ने के कारण सभी रूटों पर यात्रियों व बसों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
हालांकि अभी रोडवेज मुख्यालय की ओर से इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अगर बसों को रवाना नहीं किया जाता है तो यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना तो करना ही पड़ेगा। साथ ही रोडवेज को भी बसें न चलने से राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। फरवरी 2016 में भी जाट आरक्षण आंदोलन के कारण तीन से चार दिन तक सभी रूटों पर बसें नहीं चल पाईं थीं।
यात्रियों को आएगी समस्या
आरक्षण आंदोलन के दौरान अगर बसें नहीं चल पाती हैं तो हिसार व हांसी से विभिन्न रूटों पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। मौजूदा समय में हिसार डिपो पर 162 बसें तथा हांसी डिपो पर 42 बसें हैं।
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इन रूटों पर जाती है बसें
हिसार बस डिपो से दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पानीपत, पोंटा साहिब, रोहतक, बहादुरगढ़ जैसे लंबे रूटों के साथ सिरसा, फतेहाबाद, हांसी, भिवानी, जींद, बरवाला, उचाना, नरवाना जैसे मध्यम रूटों के सभी लोकल रूट जैसे पाबड़ा, डोभी, लुदास, लाडवा, केमरी, मंगाली, डाया, तलवंडी रुक्का आदि लोकल रूटों के साथ सभी रूट बाधित रहेंगे।
प्राइवेट बस चालकों की होगी चांदी
रोडवेज बसें न चलने पर प्राइवेट बस चालकों को इस बात का फायदा हो सकता है। पिछले जाट संघर्ष समिति के द्वारा बलिदान दिवस व ब्लैक डे मनाने के चलते दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत रूटों की बसें न चलने पर इन रूटों पर प्राइवेट चालकों ने जमकर सवारियां ढोईं थी। अगर रूट बाधित नहीं होते है तो प्राइवेट बस चालकों को फिर से सवारियां ढोकर लाभ कमाने का मौका मिल जाएगा।
सुरक्षा बलों को दस बसें और उपलब्ध करवाई
रोडवेज की ओर से प्रशासन की मांग पर 10 बसें सुरक्षा बलों के लिए भेजी गई हैं। जबकि 18 बसें पहले ही सुरक्षा बलों के पास है। अब और बसें भेजने के चलते कुल 28 बसें सुरक्षा बलों को सौंपी गई हैं।
प्रशासन की ओर से 20 मार्च को सभी रूटों पर बसें न चलाने के आदेश दिए गए हैं। अगर इस बीच कोई बसें चलाने का आदेश मिलता है तो बसों को चलाया जा सकता है।
- खूबीराम कौशल, जीएम, रोडवेज, हिसार
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हालांकि अभी रोडवेज मुख्यालय की ओर से इस बारे में कोई आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अगर बसों को रवाना नहीं किया जाता है तो यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना तो करना ही पड़ेगा। साथ ही रोडवेज को भी बसें न चलने से राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। फरवरी 2016 में भी जाट आरक्षण आंदोलन के कारण तीन से चार दिन तक सभी रूटों पर बसें नहीं चल पाईं थीं।
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यात्रियों को आएगी समस्या
आरक्षण आंदोलन के दौरान अगर बसें नहीं चल पाती हैं तो हिसार व हांसी से विभिन्न रूटों पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। मौजूदा समय में हिसार डिपो पर 162 बसें तथा हांसी डिपो पर 42 बसें हैं।
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इन रूटों पर जाती है बसें
हिसार बस डिपो से दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पानीपत, पोंटा साहिब, रोहतक, बहादुरगढ़ जैसे लंबे रूटों के साथ सिरसा, फतेहाबाद, हांसी, भिवानी, जींद, बरवाला, उचाना, नरवाना जैसे मध्यम रूटों के सभी लोकल रूट जैसे पाबड़ा, डोभी, लुदास, लाडवा, केमरी, मंगाली, डाया, तलवंडी रुक्का आदि लोकल रूटों के साथ सभी रूट बाधित रहेंगे।
प्राइवेट बस चालकों की होगी चांदी
रोडवेज बसें न चलने पर प्राइवेट बस चालकों को इस बात का फायदा हो सकता है। पिछले जाट संघर्ष समिति के द्वारा बलिदान दिवस व ब्लैक डे मनाने के चलते दिल्ली, गुरुग्राम, पानीपत रूटों की बसें न चलने पर इन रूटों पर प्राइवेट चालकों ने जमकर सवारियां ढोईं थी। अगर रूट बाधित नहीं होते है तो प्राइवेट बस चालकों को फिर से सवारियां ढोकर लाभ कमाने का मौका मिल जाएगा।
सुरक्षा बलों को दस बसें और उपलब्ध करवाई
रोडवेज की ओर से प्रशासन की मांग पर 10 बसें सुरक्षा बलों के लिए भेजी गई हैं। जबकि 18 बसें पहले ही सुरक्षा बलों के पास है। अब और बसें भेजने के चलते कुल 28 बसें सुरक्षा बलों को सौंपी गई हैं।
प्रशासन की ओर से 20 मार्च को सभी रूटों पर बसें न चलाने के आदेश दिए गए हैं। अगर इस बीच कोई बसें चलाने का आदेश मिलता है तो बसों को चलाया जा सकता है।
- खूबीराम कौशल, जीएम, रोडवेज, हिसार