{"_id":"2437d256fd4a1b176e78ebf05b87818f","slug":"no-affidevit-in-estate-office-now-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एस्टेट ऑफिस में अब नहीं देना होगा एफिडेविट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एस्टेट ऑफिस में अब नहीं देना होगा एफिडेविट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 Sep 2014 03:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूटी के एस्टेट ऑफिस में अब लोगों को अपने काम कराने में दिक्कत नहीं आएगी। एस्टेट विभाग ने बुधवार को आदेश जारी कर एफिडेविट देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। इस एफिडेविट की जगह लोगों को सादे कागज पर अपनी फोटो के साथ सिर्फ डिक्लरेशन लिख कर देना होगा।
विज्ञापन
अगर कोई गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। एस्टेट ऑफिस की ओर से इस आदेश के जारी होने के बाद लोगों को साइट अलॉटमेंट, सेल डीड के आधार पर बिल्डिंग का ट्रांसफर कराने, एनओसी या बिल्डिंग प्लान मंजूर कराने के लिए एफिडेविट नहीं देना होगा।
विज्ञापन
अभी लोगों को अपना काम कराने के लिए विभिन्न दस्तावेजों को जहां अटेस्ट कराना पड़ता है, वहीं उनके साथ एफिडेविट भी देना पड़ता है। यूटी के उपायुक्त मोहम्मद शाइन के अनुसार शहर के लोगों को बेहतर सुविधाएं देने और सेवाओं को आसान करने के उद्देश्य से एफिडेविट देने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।
विज्ञापन
इससे लोगों का समय भी बचेगा और उन्हें काम कराने में दिक्कत भी नहीं आएगी। ध्यान रहे कि यूटी प्रशासन की ओर से सभी कार्यालयों और विभागों में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू कर दिया गया है। इसके लागू होने के बाद अब लोगों को अपने आवेदन पत्र गजटेड अधिकारी से अटेस्ट नहीं कराना पड़ता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार ने यूटी के प्रशासक को भेजे पत्र में सेल्फ सर्टिफिकेशन को लागू करने को कहा था। अभी चंडीगढ़ में 200 से ज्यादा ऐसी सेवाएं हैं, जिनके लिए लोगों से सत्यापित दस्तावेज लिए जाते हैं। इन सभी सेवाओं में अब लोगों को दस्तावेजों पर खुद ही अपने हस्ताक्षर कर उन्हें अटेस्ट करना होगा।