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सिरसाः चुनावी रंजिश में चार साल पहले हुई हत्या में आया फैसला, नौ दोषियों को उम्रकैद
Thu, 05 Dec 2019 07:45 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरसा (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 05 Dec 2019 07:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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झोरड़रोही गांव में चार वर्ष पूर्व कर्म सिंह हत्याकांड में गुरुवार को अतिरिक्त सेशन जज की अदालत ने सभी नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी को दस हजार 500 रुपये जुर्माना किया गया। सभी दोषियों को बीते बुधवार को अदालत ने दोषी ठहराया था। नौ दोषियों में एक ही परिवार के पिता, पुत्र व पौत्र है। पीड़ित पक्ष के वकील बलदेव सिंह सिधू व पीके संधीर ने बताया कि अदालत ने सभी नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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ये था मामला
11 नवंबर 2015 को गांव झोरड़ रोही के जसबीर सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि वह और उसका पिता कर्म सिंह शाम को करीब साढ़े छह बजे रोडी से अपने गांव झोरड़रोही में वापस आ रहे थे। गांव थिराज व झोरड़ रोही के बीच पक्के खाल पुलिया पर पहुंचे तो सामने से एक बोलेरो कैंपर गाड़ी आई।
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गाड़ी से बचित्र सिंह, जसपाल सिंह, कुलबीर सिंह, मनजीत सिंह, हरिंद्र सिंह, गुरिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह, गुरबाज सिंह तथा गगनदीप सिंह उतरे और और बोले कि इन लोगों को सरपंची का चुनाव लड़ने का मजा चखाते हैं। इसके बाद आरोपियों ने उस पर व उसके पिता कर्म सिंह पर हमला करना कर दिया।
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जसबीर सिंह ने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए मोटरसाइकिल छोड़कर वहां से भाग निकला और घर पर जाकर पूरी बात बताई। जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ वापस वारदातस्थल पर पहुंचे तो उसके पिता कर्म सिंह नीचे गिरा हुआ पड़ा था। जसबीर सिंह ने बताया कि उसके पिता ने बताया कि उन लोगों ने उसके चोटें मारी तथा उसके मुंह में कुछ तरल पदार्थ डाल दिया।
वह अपने पिता को लेकर सिरसा सिविल अस्पताल पहुंचा। इलाज के दौरान चोट के घाव न सहते हुए कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। जसबीर सिंह ने बताया कि गांव के सरपंच के चुनाव में उसकी भाभी सर्बजीत कौर लड़ रही थी। इसी रंजिश की वजह से आरोपियों ने उसके पिता की हत्या की। जसबीर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।