{"_id":"5a2ea7e04f1c1b76678c0c59","slug":"nhm-workers-to-continue-strike-health-minister-is-in-action","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बर्खास्त होने के बाद भी NHM कर्मी हड़ताल पर अड़े, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए नई भर्ती के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्खास्त होने के बाद भी NHM कर्मी हड़ताल पर अड़े, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए नई भर्ती के निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/रोहतक
Updated Tue, 12 Dec 2017 09:15 AM IST
विज्ञापन
Haryana Health Minister Anil Vij
- फोटो : File Photo
हरियाणा सरकार और हड़ताली एनएचएम कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। सरकार ने जहां एक हफ्ते से हड़ताल कर रहे करीब 10 हजार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है और नई भर्ती करने जा रही है। वहीं, हड़ताली कर्मचारियों ने एलान किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी वह हड़ताल पर रहेंगे। इसी बीच, सरकार ने सभी नागरिक अस्पतालों के दो किलोमीटर के दायरे में धारा-144 लगा दी है, ताकि हड़ताली कर्मचारियों की वजह से मरीजों को कोई दिक्कत न हो।
एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर अड़े रहने के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हर जिले में सरकारी अस्पतालों के प्रांगण में धरना दे रहे कर्मचारियों को सरकार बर्खास्त कर चुकी है। जो कर्मी रह गए हैं, उनके भी ड्यूटी पर नहीं लौटने के चलते सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया जारी है। अब यह कर्मचारी अस्पताल परिसर या आसपास धरना नहीं दे सकेंगे, न ही आंदोलन कर पाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सोमवार दोपहर तीन बजे सचिवालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें विज ने अब तक बर्खास्त किए जा चुके कर्मचारियों, ड्यूटी पर लौटे कर्मियों और न लौटने वालों को बर्खास्त किए जाने आदि सभी बिंदुओं पर चर्चा की। विज ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। विज ने कहा कि मरीजों की सुविधा एवं उचित उपचार के मद्देनजर धारा-144 लगाना जरूरी है। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा, महानिदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों से हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर अड़े रहने के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हर जिले में सरकारी अस्पतालों के प्रांगण में धरना दे रहे कर्मचारियों को सरकार बर्खास्त कर चुकी है। जो कर्मी रह गए हैं, उनके भी ड्यूटी पर नहीं लौटने के चलते सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया जारी है। अब यह कर्मचारी अस्पताल परिसर या आसपास धरना नहीं दे सकेंगे, न ही आंदोलन कर पाएंगे।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सोमवार दोपहर तीन बजे सचिवालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें विज ने अब तक बर्खास्त किए जा चुके कर्मचारियों, ड्यूटी पर लौटे कर्मियों और न लौटने वालों को बर्खास्त किए जाने आदि सभी बिंदुओं पर चर्चा की। विज ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। विज ने कहा कि मरीजों की सुविधा एवं उचित उपचार के मद्देनजर धारा-144 लगाना जरूरी है। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा, महानिदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों से हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की है।
विज्ञापन
Trending Videos
हर साल एनएचएम कर्मियों पर 180 करोड़ खर्च
अनिल विज
- फोटो : ani
हर साल एनएचएम कर्मियों पर 180 करोड़ खर्च
अनिल विज ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों पर हर साल 180 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। कर्मचारियों की अधिकतर मांगे पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। इनमें कर्मचारियों के वेतनमान में पहले 5 प्रतिशत और बाद में 3 प्रतिशत की दूसरी बढ़ोतरी की गई है।
सातवें वेतन आयोग के अनुसार 14.29 प्रतिशत वेतन वृद्धि की अनुशंसा भी की है। नोटिस के बाद अनेक कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे हैं। जो नहीं लौटे उन्हें बर्खास्त किया गया है। कुछ की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। मरीजों को दिक्कत न हो, इसके लिए नई भर्ती की जाएगी।
सरकार कर्मचारियों के दमन पर उतारू है। हमारी जायज मांगें भी मानने को तैयार नहीं है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
- ओमपाल, एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन रोहतक के जिला प्रधान।
अनिल विज ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों पर हर साल 180 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। कर्मचारियों की अधिकतर मांगे पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। इनमें कर्मचारियों के वेतनमान में पहले 5 प्रतिशत और बाद में 3 प्रतिशत की दूसरी बढ़ोतरी की गई है।
सातवें वेतन आयोग के अनुसार 14.29 प्रतिशत वेतन वृद्धि की अनुशंसा भी की है। नोटिस के बाद अनेक कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे हैं। जो नहीं लौटे उन्हें बर्खास्त किया गया है। कुछ की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। मरीजों को दिक्कत न हो, इसके लिए नई भर्ती की जाएगी।
सरकार कर्मचारियों के दमन पर उतारू है। हमारी जायज मांगें भी मानने को तैयार नहीं है। जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
- ओमपाल, एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन रोहतक के जिला प्रधान।