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एनएचएम कर्मचारियों ने बयां की पीड़ा- डेढ़ दशक की सेवा का हमें क्या खूब सिला दिया स्वास्थ्य विभाग ने

Tue, 16 Nov 2021 01:57 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 01:57 AM IST
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NHM employees narrated the anguish - what a lot has the health department given us for one and a half decade of service
अपनी व्यथा बतातीं रजनी चावला। - फोटो : 15ctyveena5
चंडीगढ़। नौकरी से निकाले गए एनएचएम के 178 कर्मचारी 19 दिनों से जीएमएसएच- 16 के बाहर धरना व क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं। नौकरी चले जाने से कर्मचारी काफी परेशान हैं। कर्मचारियों ने पीड़ा बयां करते हुए कहा कि डेढ़ दशक की सेवा का विभाग ने क्या खूब सिला दिया। निकाले गए कर्मचारियों में कोई 15 साल से मरीजों की सेवा कर रहा था तो कोई 14 साल से। इनमें से कई लोग ऐसे भी शामिल हैं जिन पर अकेले घर चलाने की जिम्मेदारी थी। नौकरी जाने के बाद उधार लेकर घर चला रहे ये कर्मचारी बेहद तनाव में हैं। पति के जाने के बाद जिस मां ने इस नौकरी की बदौलत अपने परिवार का पालन-पोषण किया है, वे असहाय हो गई है। जिन घरों में पति-पत्नी दोनों एनएचएम के कर्मचारी थे, उनकी नौकरी जाने से परिवार को भोजन के लाले पड़ गए हैं।
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कर्मचारी न्याय की उम्मीद में 19 दिनों से लगातार अस्पताल के बाहर सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक एकत्र हो रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने इस प्रकरण पर चुप्पी साध ली है। निदेशक स्वास्थ्य, जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक और उप चिकित्सा अधीक्षक कोई भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं नौकरी से निकालने का आदेश जारी करने वाले स्वास्थ्य सचिव इस संबंध में निदेशक स्वास्थ्य से वार्ता करने की बात कह रहे हैं। स्थिति यह है कि कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य निदेशक के साथ इन कर्मचारियों की हुई वार्ता भी बेनतीजा रही है, क्योंकि उन्होंने कर्मचारियों से पुन: नौकरी पर रखे जाने के लिए खुद को दोषी मानते हुए माफीनामे पर हस्ताक्षर करने की शर्त रखी थी। इसे कर्मचारियों ने मानने से इनकार कर दिया है।
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ये है मामला
डीसी रेट के समान वेतन भुगतान के जारी किए गए आदेश में बदलाव करते हुए डीसी रेट के मानकों को भी मानने के लिए आदेश जारी कर गया गया, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने 28 अक्तूबर से हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण उन पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए हड़तालरत 178 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद निकाले गए कर्मचारी लगातार जीएमएसएच-16 के बाहर धरना व क्रमिक भूख हड़ताल कर रहे हैं।
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इन्हें है न्याय की उम्मीद
राम कुमार सिंह
टीबी सुपरवाइजर
उम्र 53 वर्ष
सेवा- 15 वर्ष
आश्रित-4
दिनेश शर्मा (विधवा)
डाटा एंट्री ऑपरेटर
उम्र 44 वर्ष
सेवा- 12 वर्ष
आश्रित- 04
रजनी चावला
डाटा एंट्री ऑपरेटर
सेवा- 13 वर्ष
उम्र 40 वर्ष
आश्रित - 04
हृदय रोग व मधुमेह पीड़ित, नारायणगढ़ से रोजाना आना जाना।
जसप्रीत कौर (नर्सिंग ऑफिसर) सनी सैनी (लैब टेक्नीशियन)
सेवा- क्रमश: 9 और 5 वर्ष
उम्र 30 वर्ष
दोनों पति पत्नी बर्खास्त
आश्रित- 04
फोटो- वर्मा सर देंगे
एनएचएम कर्मचारी ने अस्पताल से मटका चौक निकाला रोष मार्च
- 19वें दिन भी प्रदर्शन व क्रमिक भूख हड़ताल जारी
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। नौकरी से निकाले गये एनएचएम कर्मचारियों ने 19वें दिन सोमवार को भी विरोध प्रदर्शन व क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखा। कर्मचारियों ने सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जीएमएसएच 16 के बाहर धरना दिया। वहीं नर्सिंग ऑफिसर पूनम, अर्चना, अंकिता, सरिता व नितिका भूख हड़ताल पर रहीं। इसी बीच दोपहर 3.30 बजे अस्पताल से मटका चौक तक रोष मार्च भी निकाला। जिसमें पीयू से नौजवान भारत सभा, मानव व ललकार मंच के सदस्यों ने शामिल होकर उन्हें समर्थन दिया।
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