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300 करोड़ के मुआवजा घोटाले की होगी सीबीआई जांच, पूर्व डीआरओ पर केस दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Mon, 09 Jan 2017 01:07 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि में लगभग तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई करेगी। गबन का यह मामला हरियाणा के पंचकूला का है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने मामले में पंचकूला के तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी नरेश श्योकंद और पंजाब नेशनल बैंक की दिल्ली स्थित जंगपुरा एक्शटेंशन शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक भीम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने खट्टर सरकार को सौंपी रिपोर्ट में घोटाला तीन सौ करोड़ का होने की बात कही है। इसमें 48 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन के प्रमाण विजिलेंस को पहले ही मिल चुके हैं। शेष का पता लगाने के लिए ही विजिलेंस की ओर से केस की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।
विजिलेंस ब्यूरो की सिफारिश पर खट्टर सरकार ने पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार के कार्यकाल के इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। मामले के तार पंचकूला (हरियाणा) के साथ ही दिल्ली, चंडीगढ़ तथा राजस्थान से भी जुड़े हैं। इस केस में 48 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश विजिलेंस पहले ही कर चुकी है। श्योकंद और भीम सिंह पर साल 2012 से 2015 के दौरान पंचकूला में भूअधिग्रहण की एवज में किसानों को दी जाने वाले राशि में गबन करने का आरोप है। सीबीआई ने एफआईआर में श्योकंद और भीम सिंह को आपराधिक साजिश, आपराधिक कदाचार और जालसाजी का आरोपी बनाया है।
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स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने खट्टर सरकार को सौंपी रिपोर्ट में घोटाला तीन सौ करोड़ का होने की बात कही है। इसमें 48 करोड़ रुपये के वित्तीय गबन के प्रमाण विजिलेंस को पहले ही मिल चुके हैं। शेष का पता लगाने के लिए ही विजिलेंस की ओर से केस की सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी।
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विजिलेंस ब्यूरो की सिफारिश पर खट्टर सरकार ने पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार के कार्यकाल के इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। मामले के तार पंचकूला (हरियाणा) के साथ ही दिल्ली, चंडीगढ़ तथा राजस्थान से भी जुड़े हैं। इस केस में 48 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश विजिलेंस पहले ही कर चुकी है। श्योकंद और भीम सिंह पर साल 2012 से 2015 के दौरान पंचकूला में भूअधिग्रहण की एवज में किसानों को दी जाने वाले राशि में गबन करने का आरोप है। सीबीआई ने एफआईआर में श्योकंद और भीम सिंह को आपराधिक साजिश, आपराधिक कदाचार और जालसाजी का आरोपी बनाया है।
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सीबीआई की जांच में दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा : खट्टर
Manohar Lal Khattar
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आरोप लगाया था कि साल 2015 में पंचकूला के जिला राजस्व अधिकारी श्योकंद के बैंक खातों में 47 करोड़ रुपये की राशि कम पाई गई है। तब राजस्व अधिकारी ही भूमि अधिग्रहण अधिकारी की भूमिका में थे। जांच के दौरान पता चला कि 37 करोड़ रुपये 17 ऐसे लोगों के बैंक खातों में भेजे गए, जिन्हें भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिलना ही नहीं था।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में जांच करते हुए पूर्व डीआरओ नरेश श्योकंद, पंजाब नेंशनल बैंक जंगपुरा के वरिष्ठ प्रबंधक भीम सिंह तथा दिल्ली निवासी चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला कि नरेश श्योकंद ने बैंक प्रबंधक के साथ मिलकर पंचकूला व दिल्ली की विभिन्न बैंक शाखाओं में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से किसानों के लिए दी गई धनराशि को डकार लिया है। विजिलेंस की जांच में यह बात भी सामने आ चुकी है कि आरोपी राजस्व अधिकारी ने कई कंपनियों के खातों में लगभग 37 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की है।
सीबीआई की जांच में दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा : खट्टर
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि विजिलेंस की जांच के आधार पर ही तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई जांच कराई जा रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी की छानबीन में दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा।
हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में जांच करते हुए पूर्व डीआरओ नरेश श्योकंद, पंजाब नेंशनल बैंक जंगपुरा के वरिष्ठ प्रबंधक भीम सिंह तथा दिल्ली निवासी चंद्रशेखर को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला कि नरेश श्योकंद ने बैंक प्रबंधक के साथ मिलकर पंचकूला व दिल्ली की विभिन्न बैंक शाखाओं में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से किसानों के लिए दी गई धनराशि को डकार लिया है। विजिलेंस की जांच में यह बात भी सामने आ चुकी है कि आरोपी राजस्व अधिकारी ने कई कंपनियों के खातों में लगभग 37 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की है।
सीबीआई की जांच में दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा : खट्टर
सीएम मनोहर लाल का कहना है कि विजिलेंस की जांच के आधार पर ही तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले की सीबीआई जांच कराई जा रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी की छानबीन में दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा।