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एनजीटी की निगम को फटकार, कहा- सेग्रीगेट कचरा नहीं दिया, क्यों न लगा दें एक करोड़ की पेनाल्टी

Fri, 29 Nov 2019 10:02 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 29 Nov 2019 10:02 AM IST
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national green tribunal orders nagar nigam chandigarh regarding segregation of waste
फाइल फोटो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में नगर निगम और जेपी प्लांट केस में वीरवार को सुनवाई की। सेग्रिगेट कचरा न देने पर नगर निगम को एनजीटी ने जमकर फटकार लगाई। कहा कि निगम हर बार तारीख लेने के बावजूद गीला और सूखा कचरा अलग-अलग नहीं दे पा रहा है। क्यों न निगम पर एक करोड़ रुपये की पेनल्टी लगा दी जाए। हालांकि इस बार एनजीटी ने अंतिम चेतावनी देकर छोड़ दिया है।
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28 नवंबर को तय तिथि पर निगम की टीम केस में सुनवाई के लिए दिल्ली रवाना हुई, लेकिन इस दौरान न एमओएच डॉ. एपी सिंह गए और न निगम के वकील। निगम को पहले से ही उम्मीद थी कि फटकार लगना तय है। एनजीटी ने कहा कि डंपिंग ग्राउंड पर लगने वाली मशीनें अब तक क्यों नहीं लगी हें। इसे दीपावली से पहले ही लगाने की सूचना मिली थी।
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एनजीटी ने कहा कि मार्च 2020 तक डंपिंग ग्राउंड से कचरा साफ चाहिए। कैसे करेंगे यह देख लीजिए। हालांकि कंपनी ने डंपिंग ग्राउंड को साफ करने के लिए 18 महीने का समय मांगा है। ऐसे में निगम के सामने मुश्किल और बढ़ गई है। नवंबर माह की सदन की बैठक में सरकारी वकील के साथ एक और वकील भेजने की बात तय हुई थी, लेकिन मामला बैठक तक ही सीमित रह गया।
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31 दिसंबर तक पूरी तरह गीला-सूखा कचरा करेंगे अलग : कमिश्नर

 एडवाइजर मनोज परिदा की अध्यक्षता में वीरवार को राज्यस्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित हुई। इसमें नगर निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि 31 दिसंबर तक गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने की व्यवस्था पर अमल हो जाएगा। एडवाइजर ने निगम को जल्द दो स्वीपिंग वैक्यूम मशीन खरीदने के लिए कहा, इसके लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड निगम को दो करोड़ रुपये देगा।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से हर राज्य में एक कमेटी गठित की जाती है। कमेटी हर माह शहर को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए बैठक करती है। इसमें प्रत्येक विभाग के अधिकारी अपनी प्रेजेंटेशन देते हैं। इसमें अब तक किए गए कार्य और आगामी योजनाओं के बारे में बताया जाता है।

वीरवार को पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने बताया कि शहर की कई कंपनियां जो गंदा पानी सुखना चो में छोड़ रहीं थीं या हवा को प्रदूषित कर रहीं थीं, उन्हें नोटिस दे दिया गया है। जल्द रिपोर्ट लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने बताया सुखना चो में गंदा पानी रोकने के लिए एसटीपी को जल्द से जल्द अपग्रेड कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था को लेकर निगम ने कहा कि हमारे पास पहले से एक स्वीपिंग वैक्यूम मशीन है। दो और मशीन के लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड फंड दे रहा है।

बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि 40 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों से होता है तो 40 प्रतिशत प्रदूषण रोड साइड की धूल से होता है, इसलिए स्वीपिंग वैक्यूम मशीन खरीदकर इस समस्या को जल्द हल करना होगा। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड निगम को डेढ़ करोड़ रुपये और देगा, जिससे कि जहां-जहां संभव होगा वहां पेड़ लगा सकें। इस मौके पर होम सेक्रेटरी अरुण गुप्ता, चीफ कंजर्वेटर देबेंद्र दलाई, डीसी मंदीप सिंह बराड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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