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पंजाब: अब पटियाला में ही हो सकेगी कोरोना के नए वेरिएंट की पहचान, पहले चरण में 150 नमूनों की हुई जांच
Thu, 16 Sep 2021 10:20 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Sep 2021 10:20 PM IST
सार
कोरोना वायरस के नए स्वरूप की पहचान अब पंजाब की पटियाला लैब में हो सकेगी। पहले चरण में 150 नमूने की जांच की गई है। इससे पहले नए स्वरूप की पहचान दिल्ली स्थित लैब में होती थी लेकिन अब यह सुविधा पटियाला में शुरू हो गई है। इससे परिणाम आने में जल्दी होगी।
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कोरोना टेस्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अब पंजाब में ही कोरोना के नए वेरिएंट का पता लग पाएगा। इस वेरिएंट की जांच के लिए पटियाला में लैब शुरू हो गई है। पहले चरण में 150 नमूनों की जांच की गई, जिसमें नए वेरिएंट का एक भी मामला नहीं मिला। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इससे पहले राज्य सरकार द्वारा कोविड के नए वेरिएंट के संदिग्ध मरीजों के सभी नमूने एनसीडीएस दिल्ली में भेजे जाते थे, जहां कोविड के नए वेरिएंट की पुष्टि करने में एक महीने से अधिक का समय लग जाता है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लैबोरेटरी को यूके आधारित निर्माता ऑक्सफोर्ड नैनोपोर द्वारा विकसित की गई मिनआईओएन एमके-1 सी प्राप्त हुई है। मिनआईओएन एक विशेष संक्षिप्त और पोर्टेबल यूएसबी द्वारा संचालित उपकरण है, जो डीएनए और आरएनए दोनों के रियल-टाइम विश्लेषण के जरिये नतीजों तक तुरंत पहुंचने की सुविधा देता है। जीनोम सीक्वेंसर और सहायक उपकरण यूएस आधारित गैर लाभकारी संगठन पाथ द्वारा राज्य में चलाए जा रहे कोविड-19 रिस्पॉन्स सपोर्ट के हिस्से के तौर पर दान किए गए हैं।
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क्या होगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसी विशेष क्षेत्र में कोविड के नए वेरिएंट का कोई मामला पाया जाता है तो वायरस के फैलाव को और आगे बढ़ने से रोकने के लिए सभी संदिग्ध मरीजों की कांट्रैक्ट ट्रैसिंग और टेस्टिंग करने की तुरंत जरूरत होती है। पटियाला में जीनोम सीक्वेंसिंग सुविधा से रिपोर्टें अब 5 से 6 दिनों में ही मिल जाएंगी।