बॉक्सर्स के लिए ओलंपिक की राह में रोड़ा बनेंगे ये नए नियम
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ब्राजील में वर्ष 2016 में होने वाले ओलंपिक की टिकट पाना बॉक्सरों के लिए इस बार आसान नहीं होगा। ओलंपिक क्वालीफाई के नए नियम उनकी राह में रोड़ा बन रहे हैं। इस बार एशिया ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को शामिल किया गया है, जो देश के खिलाड़ियों की राह रोकेंगे।
यही नहीं, वर्ल्ड चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने तक से बात नहीं बनेगी। यदि खिलाड़ी गोल्ड या सिल्वर पदक जीतते हैं, तो ही उन्हें ओलंपिक के लिए क्वालीफाई माना जाएगा। इन नए नियमों की पुष्टि करते हुए भारतीय बॉक्सिंग टीम के सीनियर कोच जी.एस. संधु भी मानते हैं कि इस बार देश के खिलाड़ियों के ओलंपिक में क्वालीफाई करने की उम्मीद कम है।
हालांकि वह आशा जताते हैं कि अगर बॉक्सर कड़ी मेहनत करते हैं तो सबकुछ संभव हो सकता है। राजीव गांधी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में हुए वर्ल्ड जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के ट्रायल में आए कोच संधु ने अमर उजाला से ओलंपिक की तैयारियों पर विशेष बातचीत की।
गोल्ड और सिल्वर जीतने पर ही होंगे क्वालीफाई
कोच संधू ने बताया कि पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले बॉक्सरों का ओलंपिक टिकट पक्का हो जाता था, लेकिन इस बार केवल गोल्ड व सिल्वर जीतने वाले ही ओलंपिक क्वालीफाई करेंगे। यह भी केवल कम भारवर्ग वालों के लिए है। जबकि 81 किलो भारवर्ग के बाद केवल गोल्ड जीतने वाले ही चुने जाएंगे।
इसके अलावा पहले एशिया में ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत कई अन्य देश नहीं रखे गए थे और बॉक्सर आसानी से जीतकर आगे बढ़ जाता था, लेकिन इस बार इनको भी एशिया ग्रुप में रखा गया है। 25 अगस्त से बैंकाक में एशियन चैंपियनशिप शुरू हो रही है और वह ओलंपिक में क्वालीफाई की पहली सीढ़ी है।