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हलवारा एयरबेस जासूसी कांड : स्टेशन में सबसे अहम जगह पर तैनात था रामपाल, अब ठेकेदार-रिश्तेदार से पूछताछ
Sat, 02 Jan 2021 05:29 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा/लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा/लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 02 Jan 2021 05:29 PM IST
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आरोपी रामपाल की तस्वीर दिखाते परिजन।
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब में हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के जासूसी कांड में पकड़े गए आरोपी रामपाल सिंह को नौकरी दिलाने वाला रिश्तेदार अब जांच एजेंसियों के निशाने पर है। शनिवार को उसे थाना सुधार में पूछताछ के लिए बुलाया गया। यहां पुलिस अधिकारियों के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ की। वहीं मेन पावर सप्लाई के ठेकेदार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया।
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लिखित बयान लेने के बाद इन्हें भेज दिया गया। सुपरवाइजर गुरदीप सिंह और रामपाल के दूर के रिश्तेदार ने बताया कि रामपाल को नौकरी दिलाने में उसने कोई मदद नहीं की थी। एयरफोर्स स्टेशन की फोटो व अन्य चीजें आईएसआई को देने के सवाल पर गुरदीप सिंह का कहना है कि एयरफोर्स स्टेशन में मोबाइल या कैमरा ले जाना सख्त मना है। कई बार कुछ लोग इस नियम को तोड़ देते हैं और जांच के बाद उनको नौकरी से निकाल दिया जाता है। ऐसे में हो सकता है कि आरोपी रामपाल सिंह ने भी कुछ ऐसा किया हो।
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गुरदीप सिंह ने बताया कि वह जस्सी ट्रेडर लुधियाना के पास बतौर सुपरवाइजर काम करता है। इस फर्म के पास लुधियाना, हलवारा और बरनाला में लेबर देने का ठेका है। आरोपी रामपाल सिंह उसके ससुराल पक्ष से दूर का रिश्तेदार है। वह विदेश से आने के बाद लंबे समय से बेरोजगार था। इसलिए जनवरी 2020 में उसने नौकरी के लिए उससे संपर्क किया। उस समय उन्हें एयरफोर्स स्टेशन में 32 लोगों को काम पर रखना था। उन्हें दसवीं पास और आईटीआई डिप्लोमा होल्डरों की जरूरत थी।
रामपाल सिंह ने आईटीआई में डिप्लोमा किया हुआ था। इस दौरान रामपाल सिंह के साथ-साथ 60 लोगों ने आवेदन किया। सभी आवेदन एयरफोर्स स्टेशन के एमईएम ब्रांच में ई-8 एजी के पास जांच के लिए गए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के पास फाइल गई और पुलिस को वेरिफिकेशन के लिए कहा गया। पुलिस वेरिफिकेशन में गांव के सरपंच के पांच जगह साइन हुए, गांव के तीन गवाहों के साथ चरित्र प्रमाण पत्र लिया गया। इस प्रक्रिया के बाद एसएसपी दफ्तर की तरफ से रिपोर्ट दी गई। इस प्रक्रिया के बाद चयनित व्यक्ति को एयरफोर्स स्टेशन में जाने का पास दिया जाता है। आरोपी रामपाल सिंह ने यह पूरा प्रोसेस पास किया था।
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बेस के पास तैनात था रामपाल
गुरदीप सिंह के अनुसार एयरफोर्स स्टेशन के सबसे महत्वपूर्ण जगह बेस के पास रामपाल सिंह को तैनात किया गया था। यहां वह डीजल ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। लॉकडाउन से पहले उसने बच्चों की फीस भरने के लिए तीस हजार रुपये मांगे थे। इस पर उसने ठेकेदार से बात करने को कहा था। लेकिन ठेकेदार ने इतनी राशि देने से साफ मना कर दिया।
इसके बाद लॉकडाउन होते ही सभी का अंदर जाना बंद हो गया। मई में लॉकडाउन खुलने के बाद वह काम पर लौटा। एक हफ्ता काम किया, लेकिन उसकी कोई गतिविधि संदिग्ध नहीं लगी। 16 मई के दिन आखिरी हाजिरी लगाकर वह काम छोड़ गया। उसके बाद उससे बातचीत नहीं हुई। 19 मई को उसका पास भी जमा हो गया था।