Chandigarh Grenade Attack: एक लालच में फेंका गया था हैंड ग्रेनेड... आरोपियों से पूछताछ में बड़े खुलासे
चंडीगढ़ में 11 सितंबर की शाम को ऑटो में आए दो आरोपियों ने सेक्टर 10 के एक घर पर हैंड ग्रेनेड से हमला किया था। दोनों आरोपी सीसीटीवी में कैद हो गए थे। दोनों को पकड़ लिया गया है।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर-575 में हैंड ग्रेनेड से हमले के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने पंजाब पुलिस की पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दोनों आरोपियों ने विदेश जाने के लालच में इस घटना को अंजाम दिया था।
आरोपी रोहन पासिया को यूएसए बेस्ड आतंकी हैप्पी पासिया ने पाकिस्तान और दूसरे आरोपी विशाल को दुबई के रास्ते कनाडा भेजने का वादा किया था। विशाल को कनाडा भेजने के लिए बाकायदा एक एजेंट का नंबर भी दिया गया था लेकिन विदेश भागने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया।
आतंकी रिंदा ने ड्रोन से भिजवाए थे हथियार
जांच एजेंसियों की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि अगस्त महीने के आखिरी के दिनों में पाकिस्तान में सेटल आतंकी हरविंदर रिंदा ने हैप्पी के अनुसार हथियारों की खेप बॉर्डर के पास धनोया गांव में ड्रोन के जरिए भेजी थी। इस खेप में करीब 8 से 10 पिस्टलें, जिंदा कारतूस, आईईईडी सहित हैंड ग्रेनेड शामिल थे। रोहन अपने दो अन्य दोस्तों के साथ अमृतसर के गांव हरदो रत्न निवासी आकाशदीप व अमरजीत से मिलने के लिए गया था। वहां इन दोनों ने उसे दो पिस्टल, कुछ कारतूस, हैंड ग्रेनेड एचजी-84 व कुछ अन्य सामान भी दिया था। बाकी सामान आकाश और अमरजीत के ही पास था।
रोहन को अमृतसर में स्टेट स्पेशल आप्रेशन सेल की टीम द्वारा गिरफ्तार कर 19 सितंबर तक रिमांड पर लिया गया है। वहीं दूसरे आरोपी विशाल मसीह पुत्र सबी मसीह निवासी गांव रायमल निकट ध्यानपुर थाना कोटली सूरत मल्लियां, बटाला जिला गुरदासपुर को शनिवार देर शाम दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से भी एक पिस्टल, एक फर्जी पासपोर्ट व अन्य सामान सामान मिला है।
सूत्रों के मुताबिक वह हैप्पी पासिया द्वारा बताए गए एजेंट का इंतजार कर रहा था जिसने उसे दिल्ली से विदेश के लिए फ्लाइट में बैठाना था। लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ था और उससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी विशाल को भी दबोच लिया और उसे रविवार को पंजाब में अमृतसर ले जाया गया।
पैसे देने की बात पर हैप्पी ने बंद कर दिया था फोन उठाना
पूछताछ में बताया कि बम की घटना को अंजाम देने के बाद उन्होंने हैप्पी पासिया को इस बारे में बता दिया था और वह काफी खुश हुआ। हालांकि उसने पांच लाख रुपये देने के लिए कहा तो हैप्पी टालमटोल करने लगा और बाद में उसने कई बार संपर्क करने पर भी फोन नहीं उठाया। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी रोहन को पंजाब पुलिस की जांच टीम उन जगहों पर लेकर गई जहां उन्होंने आकाश व अमरजीत से हथियार बरामद किए थे।इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस द्वारा पहले दिन ही गिरफ्तार किए गए ऑटो चालक कुलदीप को जांच टीम रिमांड के दौरान पंजाब में लेकर गई हुई है। साथ ही जांच टीम आरोपी को सेक्टर-43 बस स्टैंड में जहां से आरोपी उसके ऑटो में बैठे थे, वहां से लेकर घटनास्थल तक भी लेकर गई और निशानदेही करवाई। चालक ने बताया कि वह किस-किस रास्तों से आरोपियों को घटनास्थल तक लेकर गया था।
आरोपियों तक हथियार पहुंचाने वालों की तलाश में जुटी पुलिस
चंडीगढ़ के सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर 575 में बीते बुधवार हैंड ग्रेनेड से हमला करने के मामले में पंजाब पुलिस ने प्रमुख आरोपियों विशाल व रोहन की गिरफ्तारी के बाद दोनों तक हथियार पहुंचाने वालों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं, जिसके बाद ही पुलिस की तरफ से अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, ताकि दोनों को हथियार पहुंचाने वाले आरोपियों तक पहुंचा जा सकें।एआईजी एसएसओसी अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि इस पूरी साजिश और हैप्पी पासियां के स्थानीय नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस के साथ समन्वय से इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने आरोपी विशाल मसीह को अदालत में पेश कर 20 सितंबर 2024 तक उसका रिमांड हासिल कर लिया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपियों ने अमेरिका-आधारित गैंगस्टर हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासियां से घटना के बाद भी पैसे के लिए दोबारा संपर्क किया था, लेकिन उनको पैसे नहीं मिले। पुलिस के अनुसार हैप्पी ने आरोपियों को बड़ी रकम देने का वादा किया था, लेकिन बाद में वह पैसे देने से मुकर गया।
हैप्पी पाकिस्तान-आधारित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और आईएसआई के निर्देश पर काम कर रहा था और उसने घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों को विस्फोटक सामग्री, हथियार और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करवाई थी। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि हैप्पी ने पंजाब में अपने साथियों के माध्यम से आरोपियों को विस्फोटक सामग्री, हथियार और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की और उनके लिए कुछ वित्तीय सहायता की भी व्यवस्था की।
उन्होंने बताया कि अपराध को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी अमृतसर गए, जहां से दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए। उन्होंने बताया कि विशाल पहले जम्मू-कश्मीर गया और वहां से दिल्ली चला गया, जहां पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने आगे बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि हैप्पी पासियां ने आरोपियों को भ्रमित करने के लिए शुरुआत में कुछ फंड प्रदान किए। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने हैप्पी द्वारा किए गए वादे के अनुसार और पैसे लेने के लिए उससे संपर्क किया, लेकिन हैप्पी ने पहले बहाने बहाने बनाए और बाद में इनका फोन उठाना भी बंद कर दिया, जिससे सारे वादे झूठे साबित हो गए।