चंडीगढ़ : नगर निगम के मैकेनिकल विभाग का होगा विस्तार, नए पद होंगे सृजित
- अपने मैकेनिकल विभाग का विस्तार करने जा रहा है चंडीगढ़ नगर निगम
- एक्सईएन समेत 42 नए पदों को सृजित किया जाएगा।
- पदों से बढ़ेगा 1.90 करोड़ रुपये का वेतन खर्च
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विस्तार
चंडीगढ़ नगर निगम अपने मैकेनिकल विभाग का विस्तार करने जा रहा है। एक्सईएन समेत 42 नए पदों को सृजित किया जाएगा। इन पदों से 1.90 करोड़ का वेतन खर्च भी बढ़ेगा। फिलहाल, अभी केवल एक सब-डिवीजनल इंजीनियर (एसडीई) का ही पद है। 9 मार्च को नगर निगम सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
निगम आयुक्त केके यादव ने बताया कि पहले हर विंग की गाड़ियां उनका ही विभाग देखता था। एक अप्रैल से निगम ने सभी विभागों की गाड़ियों की जिम्मेदारी एसडीओ ट्रांसपोर्ट को देकर अलग विभाग बना दिया। वर्तमान में निगम के पास 934 गाड़ियां हैं। इतने बड़े स्तर पर गाड़ियों की देखरेख के लिए कर्मचारियों की भी जरूरत होगी। लगातार बढ़ते निगम ने विभाग को भी विस्तार करने का विचार किया है।
पेट्रोल चोरी रोकने के लिए भी उठाया है कदम
नगर निगम ने मैकेनिकल विभाग के विस्तार के लिए काफी समय पहले से काम शुरू कर दिया था। पेट्रोल चोरी रोकने के लिए टंकियों पर सेंसर लगाया जा रहा है। अब कर्मचारियों से पर्ची लेना भी बंद कर दिया है। क्योंकि निगम के पेट्रोल पंप पर ही पेट्रोल भरवाया जा रहा है।
विभाग में इन पदों का होगा सृजन
पद- एक्सईएन
संख्या - 1
सालाना वेतन- 10.65 लाख
पद- एसडीई
संख्या - 3
सालाना वेतन- 23.40 लाख
पद- हेड ड्राफ्टमैन
संख्या - 1
सालाना वेतन- 6.34 लाख
पद- सुपिरिटेंड
संख्या - 1
सालाना वेतन- 6.27 लाख
पद- अकाउंटेंट
संख्या - 1
सालाना वेतन- 6.27 लाख
पद- जूनियर इंजीनियर
संख्या - 6
सालाना वेतन- 33 लाख
पद- ड्राफ्टमैन
संख्या - 1
सालाना वेतन- 6.20 लाख
पद- सीनियर असिस्टेंट
संख्या - 2
सालाना वेतन- 12 लाख
पद- क्लर्क/डाटा
संख्या - 10
सालाना वेतन- 41.70 लाख
पद- सुपरवाइजर (ठेके पर)
संख्या - 10
सालाना वेतन- 24 लाख
पद- पियन (ठेके पर)
संख्या - 05
सालाना वेतन- 10.40 लाख
मैकेनिकल विभाग का प्रभारी एक्सईएन होगा। एसडीई-1 पेट्रोल, सर्विस और धुलाई की देखरेख का काम करेगा। जूनियर इंजीनियर-2 इसका सहायक होगा। एसडीई-2 गाड़ियों की मरम्मत, बीमा, देखरेख, गाड़ी की फिटनेस, इसके अलावा बागवानी विभाग की मशीन व फायर विभाग की गाड़ियों की देखरेख करेगा। जूनियर इंजीनियर-2 इसका सहायक होगा।
एसडीई-3 के पास नए वाहनों की खरीदारी, टायर, बैटरी की जैम पोर्टल से खरीदारी के अलावा ई टेंडर लगाना, खराब गाड़ियों को समय पर हटाने का काम होगा। जूनियर इंजीनियर-2 इनका सहायक होगा। मुख्य ड्राफ्टमैन गाड़ियों का एस्टीमेट, टेंडर दस्तावेज, ड्राइंग का काम करेंगे।
मैकेनिकल विभाग को मजबूत करने का उद्देश्य है ताकि हम अपने वाहनों की दक्षता को भी मजबूत कर सकें। सीटीयू में नगर निगम से कम गाड़ियां हैं, लेकिन वहां काफी संख्या में कर्मचारी हैं। यहां सीटीयू से ज्यादा गाड़ियां हो गई हैं, इसलिए इनके रखरखाव के लिए विस्तार करना जरूरी है। -केके यादव, निगम आयुक्त