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नवजात बच्चे को मिली राम रहीम के 'बीमार' होने की सजा, मां रो रोकर बेहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Tue, 12 Sep 2017 09:36 AM IST
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राम रहीम
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जेल में कैद राम रहीम के 'बीमार' होने की बड़ी सजा एक नवजात बच्चे को, जो दुनिया में आया ही था और उसकी मां को भुगतनी पड़ी। पुलिस प्रशासन और पीजीआई प्रबंधन ने शनिवार को दुष्कर्मी डेरामुखी को सुनारिया जेल से पीजीआई तक लाने के लिए मॉक ड्रिल की। सुरक्षा के तमाम इंतजामों को परखा गया।
प्रशासन पूरा दिन इस जद्दोजहद में लगा रहा कि डेरामुखी को कैसे पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाए। पीजीआई प्रबंधन सुरक्षा के पूरे दावे किए। लेकिन इन दावों की पूरी हकीकत रविवार को उस समय सामने आ गई जब पीजीआई के वार्ड नंबर दो के लेबर रूम से एक नवजात जन्म के महज पंद्रह मिनट के अंदर गायब हो गया।
बच्चे को जन्म देने वाली मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घंटों तलाश करने के बाद भी पुलिस और डॉक्टरों के हाथ खाली हैं। वहीं, जच्चा की सास ने कहा कि उन्होंने तो पोता होने की खुशी में अपनी ओर से 200 रुपये बधाई भी दी, इसके बाद भी उनको बच्चे का चेहरा नहीं दिखाया गया।
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परिजनों को जब बच्चा गुम होने की सूचना मिली तो उन्होंने जमकर बवाल काटा। देर सायं तक पुलिस जांच में जुटी रही और पीजीआई के अधिकारी सीसीटीवी फुटेज खंगालने में व्यस्त रहे।
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प्रशासन पूरा दिन इस जद्दोजहद में लगा रहा कि डेरामुखी को कैसे पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाए। पीजीआई प्रबंधन सुरक्षा के पूरे दावे किए। लेकिन इन दावों की पूरी हकीकत रविवार को उस समय सामने आ गई जब पीजीआई के वार्ड नंबर दो के लेबर रूम से एक नवजात जन्म के महज पंद्रह मिनट के अंदर गायब हो गया।
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बच्चे को जन्म देने वाली मां का रो-रोकर बुरा हाल है। घंटों तलाश करने के बाद भी पुलिस और डॉक्टरों के हाथ खाली हैं। वहीं, जच्चा की सास ने कहा कि उन्होंने तो पोता होने की खुशी में अपनी ओर से 200 रुपये बधाई भी दी, इसके बाद भी उनको बच्चे का चेहरा नहीं दिखाया गया।
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परिजनों को जब बच्चा गुम होने की सूचना मिली तो उन्होंने जमकर बवाल काटा। देर सायं तक पुलिस जांच में जुटी रही और पीजीआई के अधिकारी सीसीटीवी फुटेज खंगालने में व्यस्त रहे।
बच्चा गायब होने के बाद परिजनों का हंगामा
Baby Delivery
रविवार को पीजीआई के वार्ड दो के बाहर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब डेयरी मोहल्ला से आए सन्नी के परिजनों को पता चला कि उनका बच्चा गायब हो गया है। परिजनों ने बताया कि शनिवार को रंजू को लेबर पेन होने पर वे उसे पीजीआई लेकर आए थे।
रविवार को रंजू ने एक बेटे को जन्म दिया, इसकी सूचना पीजीआई स्टाफ ने उसकी दादी दर्शना को भी दी। बाकायदा उनके अंगुठे का निशान भी लगाया गया कि उनका बच्चा सही है। लेकिन जब बच्चा देने की बात आई तो उन्हें दस-दस मिनट कह कर टाला जाता रहा। काफी देर होने के बाद जब उन्होंने हंगामा किया तो पता चला कि बच्चा ही गुम हो गया है।
हंगामे की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और सारे लेबर रूम की तलाशी ली। वहीं, मौके पर डीएमएस डॉ. सुखबीर बराड़, सुरक्षा अधिकारी संजय सांगवान पहुंच गए। हंगामे से बचते बचाते सभी अधिकारी सीसीटीवी खंगालने चले गए और देर सायं तक फुटेज खंगालते रहे। लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्चे का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। वहीं इस सारे मामले में पीजीआई प्रबंधन मौन धारण किए हुए है।
रविवार को रंजू ने एक बेटे को जन्म दिया, इसकी सूचना पीजीआई स्टाफ ने उसकी दादी दर्शना को भी दी। बाकायदा उनके अंगुठे का निशान भी लगाया गया कि उनका बच्चा सही है। लेकिन जब बच्चा देने की बात आई तो उन्हें दस-दस मिनट कह कर टाला जाता रहा। काफी देर होने के बाद जब उन्होंने हंगामा किया तो पता चला कि बच्चा ही गुम हो गया है।
हंगामे की सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और सारे लेबर रूम की तलाशी ली। वहीं, मौके पर डीएमएस डॉ. सुखबीर बराड़, सुरक्षा अधिकारी संजय सांगवान पहुंच गए। हंगामे से बचते बचाते सभी अधिकारी सीसीटीवी खंगालने चले गए और देर सायं तक फुटेज खंगालते रहे। लेकिन समाचार लिखे जाने तक बच्चे का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। वहीं इस सारे मामले में पीजीआई प्रबंधन मौन धारण किए हुए है।
सुरक्षा गार्डों की हुई डॉक्टरों से झड़प
doctor
हर बार की तरह रविवार को भी डॉक्टर अपनी लापरवाही का ठीकरा सुरक्षा गार्डों पर फोड़ते नजर आए। इसके चलते एक महिला सुरक्षा गार्ड की डॉक्टरों से झड़प भी हो गई। महिला गार्ड ने बताया कि हर बार परिजनों से वह ही उलझते हैं, अंदर जाने से मनाही है। इसके बाद भी सारी बात उन्हीं पर डाली जाती है।
परिजन तलाशते रहे नर्स को, नहीं पता चल पाया नाम भी
पूरे मामले में परिजनों ने सवाल उठाए कि जिस नर्स के पास बच्चा था, वह कहां है? उसे सामने क्यों नहीं लाया जा रहा? वह सारी बात बताएगी। परिजनों ने आरोप जड़ते हुए कहा कि यदि उन्हें नर्स का नाम पता चलता है तो वह उसके नाम पर ही एफआईआर दर्ज कराएंगे। लेकिन विवाद के चलते नर्स को परिजनों के सामने ही नहीं आने दिया गया।
रंजू की हुई नार्मल डिलीवरी, नहीं कर सकते गुमराह
सन्नी की बड़ी मां दर्शना ने बताया कि सन्नी को पहला तीन साल का बच्चा है। रविवार को जो बच्चा हुआ वह दूसरा है। डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उनके परिवार की खुशियां एक ही पल में गायब हो गई। रंजू की नार्मल डिलीवरी हुई है वह होश में है, इसलिए कोई डॉक्टर उसे गुमराह भी नहीं कर सकते हैं।
परिजन तलाशते रहे नर्स को, नहीं पता चल पाया नाम भी
पूरे मामले में परिजनों ने सवाल उठाए कि जिस नर्स के पास बच्चा था, वह कहां है? उसे सामने क्यों नहीं लाया जा रहा? वह सारी बात बताएगी। परिजनों ने आरोप जड़ते हुए कहा कि यदि उन्हें नर्स का नाम पता चलता है तो वह उसके नाम पर ही एफआईआर दर्ज कराएंगे। लेकिन विवाद के चलते नर्स को परिजनों के सामने ही नहीं आने दिया गया।
रंजू की हुई नार्मल डिलीवरी, नहीं कर सकते गुमराह
सन्नी की बड़ी मां दर्शना ने बताया कि सन्नी को पहला तीन साल का बच्चा है। रविवार को जो बच्चा हुआ वह दूसरा है। डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उनके परिवार की खुशियां एक ही पल में गायब हो गई। रंजू की नार्मल डिलीवरी हुई है वह होश में है, इसलिए कोई डॉक्टर उसे गुमराह भी नहीं कर सकते हैं।
बाबा की सुरक्षा के लिए अपनी सुरक्षा भूला पीजीआई प्रबंधन
Ram Rahim
- फोटो : File Photo
एक ओर तो पुलिस प्रशासन और पीजीआई प्रबंधन दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे डेरामुखी को शनिवार को सुनारिया जेल से पीजीआई लाने के लिए मॉक ड्रिल कर रहा था वहीं दूसरी और पीजीआई से बच्चे के गायब होने से सवाल खड़ा हो रहा है यह किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था है?
यहां कहने को सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन यह कितने सही हैं कहा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि संस्थान की सुरक्षा में सरकारी सुरक्षा गार्डों के अलावा 650 के करीब निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं। यहां कौन महिला किसका बच्चा लेकर जा रही है कुछ भी कह पाना संभव नहीं है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष ने नहीं दिया सवालों का जवाब
बच्चा गुम होने के बाद लेबर रूम में बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गीता गठवाला भी मौके पर पहुंची। जब उनसे इस बारें में सवाल किए गए तो उन्होंने इस संबंध में किसी से बात नहीं की और वह सीधा लेबर रूम के अंदर चली गईं।
यहां कहने को सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन यह कितने सही हैं कहा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि संस्थान की सुरक्षा में सरकारी सुरक्षा गार्डों के अलावा 650 के करीब निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं। यहां कौन महिला किसका बच्चा लेकर जा रही है कुछ भी कह पाना संभव नहीं है।
बाल रोग विभागाध्यक्ष ने नहीं दिया सवालों का जवाब
बच्चा गुम होने के बाद लेबर रूम में बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गीता गठवाला भी मौके पर पहुंची। जब उनसे इस बारें में सवाल किए गए तो उन्होंने इस संबंध में किसी से बात नहीं की और वह सीधा लेबर रूम के अंदर चली गईं।