फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   nepotism in pgi, sensational disclosure

PGI में भाई-भतीजावाद: एक और बड़ा खुलासा

Wed, 01 Apr 2015 06:02 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 01 Apr 2015 06:02 PM IST
विज्ञापन
nepotism in pgi, sensational disclosure

पीजीआई में भाई-भतीजावाद भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत करने में लगा है। पीजीआई में चहेतों को फिट करने के लिए अनरिजर्व कैटेगिरी में नियुक्त 21 लैब टेक्नीशियन को रिजर्व कैटेगिरी में डाल दिया।

विज्ञापन


इससे अनरिजर्व की पोस्टें खाली हो गईं और उनमें अपनों को लगा दिया गया। सरकारी दस्तावेज रिजर्वेशन रोस्टर में कांटछांट कर गुपचुप तरीके से इस काम को अंजाम दिया गया।
विज्ञापन


इन 21 लोगों को एससी कोटे में दिखाकर इनके प्रमोशन 10-15 साल तक रोके हुए हैं। दूसरा यह है कि एससी कैटेगिरी में 21 लोगों के आने से ये पोस्टें फुल हो र्गईं। इससे एससी कैटेगिरी के इतने लोग भर्ती ही नहीं हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे हुआ खुलासा
जब लैब टेक्नीशियनों का पिछले 15 साल से प्रमोशन नहीं हुआ था तो उन्होंने इसका कारण जानने के लिए खोजबीन शुरू की। जांच में पता चला कि रिजर्वेशन रोस्टर में गड़बड़ी हुई है। जब रिकार्ड हासिल किया तो सबकी आंखें फटी रह गईं। रोस्टर में अनरिजर्व कैटेगिरी में नियुक्त टेक्नीशियन के नाम काटकर रिजर्व कैटेगिरी में डाला हुआ था। कई केस तो ऐसे थे कि एक टेक्नीशियन को पहले अनरिजर्व कैटेगिरी में, फिर रिजर्व कैटेगिरी में और फिर से अनरिजर्व कैटेगिरी में डाल रखा था।

एसटी कमीशन को दी गई शिकायत

nepotism in pgi, sensational disclosure

जांच में खुलासा होने के बाद टेक्नीशियन ने पहले एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने इसकी कंप्लेंट अनुसूचित जाति आयोग को दी।

आयोग ने पीजीआई को समन भेजकर तुरंत रिजर्वेशन रोस्टर मंगवाया। जांच में हेराफेरी का पता चला और अधिकारियों को 45 दिन के अंदर रिकार्र्ड को दुरुस्त कर टेक्नीशियन को प्रमोशन बैक डेट से देने के निर्देश दिए। हालांकि 45 दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीजीआई के अधिकारियों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड दुरुस्त किया जा रहा है।

इस तरह से खेल को समझें:
लैब टेक्नीशियन राम रतन एससी कैटेगिरी से ताल्लुक रखते हैं। एग्जाम में वे अपनी और जनरल कैटेगिरी में टॉपर रहे। नियम के मुताबिक उनका नाम रिजर्वेशन रोस्टर में अनरिजर्व कैटेगिरी कॉलम के सामने लिखा जाना था। नियुक्ति के दौरान उनका नाम उसी कॉलम के सामने लिख दिया गया।

जब जनरल कैटेगिरी के प्रमोशन हुए तो उनको प्रमोशन देकर सीनियर लैब टेक्नीशियन बनाकर रिजर्व कैटेगिरी में डाल दिया गया। इससे रिजर्व कैटेगिरी की सीटें फुल हो गईं। दूसरी तरफ अनरिजर्व कैटेगिरी खाली हो गई। सीटे फुल होने पर रिजर्व कैटेगिरी के सीनियर और जूनियर टेक्नीशियन के प्रमोशन रुक गए। वे 15 साल से एक ही पोस्ट पर बैठे हैं, जबकि अनरिजर्व कैटेगिरी के लोगों को प्रमोशन मिलते जा रहे हैं।
 
आप भी दे सकते हैं जानकारी
यदि आप भी कभी पीजीआई में भाई-भतीजावाद से प्रताड़ित हुए हैं तो हमें बताएं। आप इस नंबर पर 9569492729 सुबह 11 बजे से लेकर पांच बजे तक कॉल कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed