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इलाज में कोताही पर डाक्टर को 70 लाख जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 04 Jul 2014 10:25 AM IST
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इलाज में कोताही का दोषी मानते हुए राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने निर्देश में कहा है कि सेक्टर-8 के एमएस ऑर्थो, ऑर्थोपेडिक्स एंड फिजियोथैरेपी क्लिनिक के डॉ संजय सलुजा शिकायतकर्ता को 70 लाख रुपये अदा करे। यह निर्देश उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के जस्टिस वीबी गुप्ता ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एक जुलाई 2014 को दिया है।
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शिकायतकर्ता निवासी शिवालिक इनक्लेव, मनीमाजरा मास्टर अभिषेक आहलुवालिया, उनकी मां अनुराधा आहलुवालिया और पिता अनिल कुमार ने डॉ संजय सलुजा, इंस्कॉल अस्पताल सेक्टर-34, सेक्टर-8 पंचकूला डॉ कपलाश और जीएमसीएच सेक्टर-32 के खिलाफ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी, जिसे सुनवाई के बाद राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डिसमिस कर दिया था।
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शिकायतकर्ता ने राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की। शिकायतकर्ता की अपील पर सुनवाई के बाद राष्ट्रीय आयोग ने यह फैसला सुनाया है।
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यह था मामला
मास्टर अभिषेक आहलुवालिया 11 जुलाई 2003 को दोपहर 12 बजे स्कूल में खेलते समय गिर गए और उनके पांव में फ्रैक्चर हो गया। स्कूल से सूचना मिलते ही अभिषेक की मां अनुराधा आहलुवालिया उन्हें सेक्टर-8 स्थित डॉ सलुजा के क्लिनिक में लाए। वहां पर उन्होंने प्लास्टर किया।
टाइट प्लास्टर के कारण पैरों में सूजन हो गई। दर्द बढ़ता ही गया। उन्हें बाद में इंस्कॉल में लाया गया। हालत में सुधार नहीं हुआ। शरीर के कई अंग काम करना बंद कर दिया। कुछ दिनों के बाद डाक्टर ने कहीं और ले जाने को कहा। इसके बाद अनुराधा आहलुवालिया उन्हें जीएमसीएच सेक्टर-32 में ले गए।
गैंगरिन के कारण बाएं पैर के घुटने के नीचे पैर काटना पड़ा। अभिषेक आहलुवालिया अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। वह उभरता स्पोर्ट्समैन भी था। उनके पिता उस समय मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर थे।