Pinjore News: नदी में नहाने पहुंचे दो लोग, अचानक पानी आने से टापू में फंसे, NDRF ने 40 मिनट में सुरक्षित निकाला
नदी में फंसे नंद किशोर और सिकंदर चौधरी ने बताया कि वे कबाड़ का काम करते हैं। पिंजौर में रहने वाले एक दोस्त के बुलाने पर वह घूमने यहां पहुंचे थे। पहले उन्होंने फोटो और सेल्फी ली। इसके बाद बारिश आ गई और वह दोनों नहाने लगे। अचानक पानी आने से वह दोनों टापू में फंस गए।
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हरियाणा के पिंजौर में कौशल्या नदी में रविवार को नहाने पहुंचे दो लोग तेज बहाव में फंस गए। नदी के मध्य में बने टापू में कबाड़ी का काम करने वाले दो लोग करीब 40 मिनट तक फंसे रहे। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला। नदी में फंसे लोगों की पहचान नंद किशोर और सिकंदर चौधरी निवासी कुशीनगर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। रेस्क्यू टीम आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को टापू से निकालकर किनारे पर लाई।
एनडीआरफ टीम कमांडर निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि दो व्यक्ति कौशल्या डैम में बने एक टापू पर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही उनकी टीम रेस्क्यू करने पहुंची। एनडीआरफ टीम ने तुरंत घटनास्थल का जायजा लेकर रेस्क्यू की योजना बनाई और मोटर बोट तैयार किया। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने करीब 40 मिनट के भीतर बाढ़ के पानी में घिरे दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जान जोखिम में डाल नदी किनारे पूजा करते लोग।
दोनों लोग कालका में कबाड़ बेचने का काम करते हैं। संजीव कुमार ने बताया कि उनकी टीम में उप निरीक्षक अंकित यादव, हेड कांस्टेबल भानी राम, कुंदन, सतीश, कांस्टेबल अंकित कौशिक, अनिल नेताम, रामू, विनोद यादव, रतानेश भारती, मुन्नी राम, अरुण कुमार, चरणजीत, सुदर्शन गायकवाड, प्रमोद, गौरव और पंकज शामिल हैं।
नदी में फंसे नंद किशोर और सिकंदर चौधरी ने बताया कि वे कबाड़ का काम करते हैं। बारिश के चलते उन्होंने अपने काम से छुट्टी कर ली। इसके बाद पिंजौर में रह रहे उनके एक दोस्त के बुलावे पर वे घूमने यहां आ गए। पहले उन्होंने फोटो और सेल्फी ली। इसके बाद बारिश आ गई और वे दोनों नहाने लगे। उनका तीसरा दोस्त दूर किनारे पर बैठ गया।
उन्होंने बताया कि जब वे नहाने गए तो बहुत कम पानी आ रहा था। अचानक पहाड़ों की तरफ से तेज बहाव के साथ पानी आया और वे मध्य में बने टापू में फंस गए। किनारे पर बैठे दोस्त ने कहा कि पानी तेज है। जब पानी का बहाव कम हो जाएगा तो वे बाहर आ जाएंगे। इतना सुनकर उनका दोस्त वहां से चला गया।
नदी में फंसी भैंसे।
लोग बच्चों समेत नदी में कर रहे थे पूजा
जिला प्रशासन के निर्देश हैं कि लोग नदी के आसपास भी नहीं जाएं। इसके बावजूद आदेश की अवहेलना कर लोग बेखौफ नदी में उतर रहे हैं। रविवार को एक तरफ रेस्क्यू चल रहा था तो दूसरी तरफ कुछ दूरी पर पांच लोग बच्चों समेत नदी में उतर कर पूजा करते नजर आए। इसके अलावा पुल पर भारी संख्या में राहगीर खड़े होकर रेस्क्यू ऑपरेशन देख रहे थे। इसके अलावा भी पांच भैंसें भी कौशल्या के तेज बहाव में फंस गईं थीं। थोड़ी देर बाद से स्वयं ही पानी के तेज बहाव से बाहर निकल आईं।