नवरात्र आज से, 24 वर्ष बाद बन रहा अद्भुत योग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चैत्र नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं। इसी दिन विक्रमी संवत 2072 का भी शुभारंभ होगा। इस बार 24 वर्ष बाद चैत्र नवरात्र में अमृत सिद्ध योग बन रहा है। सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख वीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि 21 तारीख से शुरू होने वाले नवरात्र का नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है।
चंद्रमा मीन राशि में है। सुबह 6.30 बजे से सुबह 7.15 बजे प्रभात काल में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। पहले नवरात्र को सुबह 6.30 बजे सूर्योदय है। इसके बाद 45 मिनट का समय प्रभातकाल कहलाता है। सुबह 6.11 बजे से सुबह 7.33 बजे तक मीन लग्न है। मीन लग्न, मीन राशि और स्वामी बृहस्पति उच्च का होकर कर्क राशि में विराजमान है।
शुभ मुहूर्त सुबह 6.30 बजे से 7.15 बजे तक
कर्क में उच्च का बृहस्पति 13 वर्ष बाद आया है। मीन लग्न, मीन राशि का चंद्रमा दोनों का स्वामी बृहस्पति उच्च का होने के कारण इन तीनों का संयोग 24 वर्ष बाद बन रहा है।
द्वितीय व तृतीय एक ही दिन
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे और सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि जो लोग प्रभात काल में कलश स्थापना नहीं कर सकते हैं वे अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं। नवरात्र के दिन सुबह 11.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक अभिजीत मुहूर्त है। इस बार आठ दिनों का नवरात्र है। द्वितीय और तृतीय एक ही दिन 22 मार्च को है। अष्टमी 27 मार्च को और नवमी 28 मार्च को है।