फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Navjot Singh Sidhu said Punjab must come back to real issues that concern every Punjabi

आरूसा मामले के बीच सिद्धू की चुप्पी टूटी: कहा- पंजाब के वास्तविक मुद्दों पर वापस लौटे, यह हमारी आने वाली पीढ़ियों से जुड़े

Sun, 24 Oct 2021 02:08 PM IST
ajay kumar पीटीआई, चंडीगढ़
पीटीआई, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 24 Oct 2021 02:08 PM IST
सार

आरूसा आलम को लेकर पंजाब में सियासत तेज है। कांग्रेस के कई नेता इस मामले में काफी मुखर हैं। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू वास्तविक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उन्होंने ट्वीट किया कि पंजाब को अपने असली मुद्दों पर लौटना होगा। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों से जुड़े हैं। 

विज्ञापन
Navjot Singh Sidhu said Punjab must come back to real issues that concern every Punjabi
नवजोत सिंह सिद्धू। (फाइल फोटो)

विस्तार

पंजाब की राजनीति में आरूसा आलम को लेकर घमासान मचा है। इस बीच नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर बड़ी बात कह दी। सिद्धू ने कहा कि राज्य को अपने वास्तविक मुद्दों पर वापस आना चाहिए। यह मुद्दे हर पंजाबी और आने वाली पीढ़ियों से जुड़े हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह असली मुद्दों को पीछे नहीं हटने देंगे।

विज्ञापन


नवजोत सिंह सिद्धू का यह बयान पंजाब के कई कांग्रेस नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच पाकिस्तानी पत्रकार अरूसा आलम से दोस्ती को लेकर चल रही जुबानी जंग के मध्य आया है। नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट किया कि पंजाब को अपने वास्तविक मुद्दों पर वापस आना चाहिए। यह हर पंजाबी और हमारी आने वाली पीढ़ियों से संबंधित हैं। हम वित्तीय आपातकाल का मुकाबला कैसे करेंगे? मैं वास्तविक मुद्दों पर टिका रहूंगा और उन्हें पीछे नहीं जाने दूंगा।
विज्ञापन


पंजाब को लेकर चिंतित सिद्धू, सोनिया गांधी को लिख चुके हैं खत
पंजाब के वास्तविक मुद्दों को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू काफी चिंतित हैं। कुछ दिन पहले ही नवजोत सिंह सिद्धू ने दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और हरीश रावत के साथ बैठक की थी। इस दौरान सिद्धू ने 18 सूत्रीय एजेंडे पर चिंता जताई थी। वहीं 13 सूत्रीय एजेंडे वाला एक पत्र सोनिया गांधी को भी लिखा था। इस पत्र में सिद्धू ने नशा, बेअदबी, खनन माफिया, बिजली और एमएसपी का मुद्दा उठाया था और इन पर काम करने के लिए पंजाब सरकार को निर्देश देने की अपील की थी। सिद्धू ने पत्र में लिखा था कि पंजाब के लोग शिअद-भाजपा शासन में हुए बेअदबी मामले और कोटकपूरा पुलिस फायरिंग मामले न्याय चाहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

नशे का मुद्दा भी उठाया

पत्र में सिद्धू ने नशे का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने लिखा था कि एसटीएफ की रिपोर्ट में जिस बड़ी मछली का जिक्र है उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए और कड़ी सजा दी जाए। सिद्धू ने अवैध खनन और परिवहन माफियाओं का जिक्र पत्र में किया। सिद्धू ने कहा कि अपूरणीय क्षति के डैमेज कंट्रोल का यह आखिरी मौका है। सिद्धू ने ट्वीट किया कि राज्य के संसाधनों को निजी जेब में जाने के बजाय राज्य के खजाने में कौन वापस लाएगा? हमारे महान राज्य की समृद्धि का पुनरुत्थान की पहल का नेतृत्व कौन करेगा।

पंजाब मॉडल को घोषणा पत्र में शामिल कराना चाहते हैं सिद्धू
13 सूत्रीय एजेंडा और पंजाब मॉडल की सिद्धू वकालत कर रहे हैं। वह चाहते हैं कि पंजाब मॉडल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के घोषणापत्र का हिस्सा बने। नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। वह पुलिस महानिदेशक और महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर चन्नी सरकार से नाराज थे। हालांकि 15 अक्तूबर को उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद उनकी चिंताओं का सामाधान हो गया है। दूसरी ओर पार्टी ने दावा किया था कि वह प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed