फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Navjot singh sidhu on Punjab cabel mafia

पंजाब में अब नहीं चलेगा केबल माफिया, नवजोत सिद्धू ने कसा शिकंजा!

Sun, 25 Jun 2017 11:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 25 Jun 2017 11:11 AM IST
विज्ञापन
Navjot singh sidhu on Punjab cabel mafia
नवजोत सिद्धू की प्रेस कांफ्रेंस - फोटो : File Photo
पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू ने केबल आपरेटरों की ओर से राज्य की सरकारी संपत्तियों के अवैध प्रयोग और टैक्स चोरी के मामलों पर बीते दिनों पंजाब विधानसभा में जवाब देने के बाद शनिवार को सूबे के केबल आपरेटरों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए।
विज्ञापन


इन आदेशों के तुरंत बाद स्थानीय निकाय विभाग की ओर से सभी नगर निगमों के कमिश्नरों, नगर काउंसिलों और पंचायतों के कार्य साधक आधिकारियों और विभाग के क्षेत्रीय डिप्टी डायरेक्टरों को लिखित पत्र जारी कर निर्देश दिए गए कि यह यकीनी बनाया जाए कि उनके म्यूनिसिपल अधिकार क्षेत्र में किसी भी केबल आपरेटर द्वारा तारें डालने के लिए सरकारी प्रापर्टी का दुरुपयोग न हो।
विज्ञापन


यह भी हिदायत दी गई है कि यदि कहीं यह दुरुप्रयोग किया गया है तो तुरंत कार्रवाई करके उसे रोका जाए। इसके अलावा सरकारी प्रापर्टी का प्रयोग करने के एवज में केबल आपरेटर की ओर से अगर पूर्व स्वीकृति ली गई है तो स्वीकृति पत्रों संबंधी चार दिन में (27 जून तक) विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाए। इसके अलावा यदि कोई स्वीकृति लिए बिना सरकारी प्रापर्टी पर तारें डालीं गई हैं तो इसके विरुद्ध कार्रवाई कर 27 जून तक विभाग को रिपोर्ट सौंपी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार को एक बयान में सिद्धू ने कहा कि उनकी तरफ से पंजाब विधानसभा में दिए बयान के संदर्भ में सभी स्थानीय निकाय इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि यह यकीनी बनाया जाए कि म्यूनिसिपल प्रापर्टी का प्रयोग के लिए किसी भी केबल आपरेटर की ओर से कानून का उल्लंघन न किया जाए। उन्होंने बताया कि पंजाब में लंबे समय से केबल आपेरटरों की ओर से जहां टैक्स की चोरी की गई है,


वहीं तारें डालते समय स्थानीय निकाय के बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, वाटर सप्लाई और सीवरेज नेटवर्क को खोदकर अंडरग्राउंड तारें डालीं गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी केबल आपरेटर की तरफ से तारें डालते समय  संबंधित स्थानीय निकाय इकाई (नगर निगम /काउंसिल और नगर पंचायत) से अग्रिम स्वीकृति लेना जरूरी है और यह स्वीकृति देते समय संबंधित स्थानीय निकाय इकाई की ओर से बनती फीस ली जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed