Punjab election 2022: नवजोत सिंह सिद्धू ने बताया आप से क्यों नहीं बनी बात, अरविंद केजरीवाल से भी हो चुकी थी मुलाकात
पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर पूर्व विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में है। कांग्रेस ने छह फरवरी को लुधियाना में चरणजीत सिंह चन्नी को अपना सीएम चेहरा बनाया। उन्होंने हाईकमान के फैसला का स्वागत किया और कहा कि मुझे कभी किसी पद की लालसा नहीं थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस ने पंजाब में पार्टी का सीएम चेहरा घोषित किया है। इस दौड़ में नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल थे। मगर हाईकमान की पहली पसंद चन्नी थे। इस बीच सिद्धू ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत के दौरान बड़ा खुलासा किया।
उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को 'असुरक्षित' बताया और कहा कि वह नहीं चाहते थे कि मैं विधानसभा का चुनाव लड़ूं। उन्होंने कहा कि आप प्रचार कर दीजिएगा। हम आपकी पत्नी को चुनाव लड़ाएंगे और उन्हें मंत्री बनाएंगे।
सिद्धू ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पार्टी नेता दुर्गेश पाठक और संजय सिंह को उनके घर भेजा। हालांकि मैं उनसे नहीं मिला। मगर मेरी पत्नी ने उनसे मिलने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं। मैंने उनसे पूछा कि आपके पास है क्या? मैं राज्यसभा छोड़ के आया हूं, आपके पास राज्यसभा है?
दुर्गेश पाठक और संजय सिंह के साथ बैठक के बाद नवजोत सिंह सिद्धू अरविंद केजरीवाल से भी मिले। वहां सिद्धू ने अपनी भूमिका के बारे में पूछा तो बताया गया कि आपको सिर्फ प्रचार करना है। मैं चार बार का सांसद उनके पास गया और कहा कि मैं पंजाब के लिए आया हूं। मगर वह चाहते थे कि मैं विधानसभा का चुनाव न लड़ूं। सिद्धू ने आगे कहा कि मैं सिस्टम में रहे बिना कैसे सिस्टम को बदल सकता हूं। बिना विधायक बने मैं कैसे माफिया सिस्टम को बदल सकता हूं।
ज्यादा समय तक चुप नहीं बैठेंगे सिद्धू: अमरिंदर सिंह
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू ज्यादा समय तक चुप नहीं बैठेंगे। जल्द ही वह कोई बड़ा सियासी धमाका कर सकते हैं। कैप्टन ने कहा कि सिद्धू जरूर कोई चाल चलेगा। कैप्टन ने चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया। कैप्टन ने कहा कि इन दोनों ने ही कांग्रेस हाईकमान को अपने निजी स्वार्थों के लिए उनके खिलाफ गुमराह किया था। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने चन्नी को कांग्रेस में शामिल किया था और उनकी विधायक बनने में मदद की थी। पिछले चुनावों में रंधावा की जीत को सुनिश्चित किया था।