पंजाब चुनाव: सिद्धू ने चन्नी सरकार को 10 में से नहीं दिया कोई अंक, फिर उठाई सीएम चेहरा घोषित करने की मांग
नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब की चन्नी सरकार को 10 में से कोई अंक नहीं दिया है। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर पंजाब में पार्टी से सीएम चेहरा घोषित करने की मांग की।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर पलटवार किया और कहा है कि रंधावा और उनके साथी जब कैप्टन से लिपटे हुए थे, सिद्धू उस समय भी लड़ता रहा और साढ़े चार साल लड़ता रहा। वह आज भी बेअदबी पर सवाल करते हैं। सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली सरकार को 10 में से कोई भी अंक देने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। सिद्धू ने फिर कहा कि कांग्रेस पार्टी को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करना चाहिए।
एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान सिद्धू ने आरोप लगाया कि बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एफआईआर तो हुई लेकिन एसटीएफ की रिपोर्ट तो अब तक नहीं खोली गई। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट खुल जाती तो पता लगता कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले में क्या किया था। अपनी जरूरतों के लिए कैप्टन भाजपा के पास बिक गए हैं और उन्होंने अपने मंत्रियों और विधायकों को अर्दली बनाकर रखा हुआ था। कैप्टन को ‘बिकाऊ’ मुख्यमंत्री बताते हुए सिद्धू ने कहा कि एफआईआर तो बेअदबी मामले में भी हुई थी लेकिन छह साल हो गए, कुछ नहीं हुआ। कैप्टन के कहने पर बयान देने वाले 8-8 नेताओं को अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों में डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा, आशु और कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने नवजोत सिद्धू पर तीखे हमले किए थे, जबकि सिद्धू के पुलिस के खिलाफ बयान पर चन्नी ने भी कड़ा स्टैंड लेते हुए कहा था कि जो भी पंजाब पुलिस के खिलाफ बोलता है, वह मेरी सरकार के खिलाफ बोलता है। इससे पहले सिद्धू और सुनील जाखड़ के बीच मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर विवाद हो गया था। सिद्धू मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा चाहते थे, जबकि जाखड़ ने इसका विरोध किया था। मंगलवार को भी सिद्धू ने यह बात दोहराई कि कांग्रेस पार्टी को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करना चाहिए।