पुराने रंग में गुरु: राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर नवजोत सिद्धू का तंज, कहा-हरभजन को छोड़ बाकी दिल्ली रिमोट कंट्रोल की बैटरियां हैं
आम आदमी पार्टी ने सोमवार को राज्यसभा के लिए हरभजन सिंह, राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और संजीव अरोड़ा का नाम घोषित किया था। इसके बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिहं सिद्धू ने पंजाब से राज्यसभा के पांच उम्मीदवारों के चयन को लेकर आम आदमी पार्टी पर तंज कसा है। सिद्धू ने मंगलवार को ट्वीट कर क्रिकेटर हरभजन सिंह को छोड़कर बाकी चार उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया। सिद्धू ने कहा कि दिल्ली रिमोट कंट्रोल के लिए ये नई बैटरियां हैं, जो टिमटिमा रही हैं। हरभजन एक अपवाद हैं, बाकी सब बैटरी है। यह पंजाब के साथ विश्वासघात है।
New batteries for the Delhi remote control , it’s blinking ….. Harbhajan is an exception , the rest are batteries and betrayal of Punjab ! @ArvindKejriwal
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) March 22, 2022
आम आदमी पार्टी ने सोमवार को पंजाब से राज्यसभा के लिए क्रिकेटर हरभजन सिंह, पंजाब के आप सह प्रभारी राघव चड्ढा, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर संदीप पाठक, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल और कृष्णा प्राण ब्रेस्ट कैंसर केयर चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक संजीव अरोड़ा का नाम घोषित किया था।
विपक्ष ने साधा निशाना
सिद्धू से पहले शिअद ने आप के प्रत्याशियों में चार को बाहरी बताया और पंजाबियत के लिए खतरा कहा था। कांग्रेस ने भी विरोध प्रकट किया था। पार्टी के विधायक सुखपाल खैरा का कहना है कि राज्यसभा में पंजाबियों को राज्य की आवाज उठानी चाहिए।
अकाली विधायक दल के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा, क्या यह वही बदलाव है, जिसके बारे में आप बात कर रही थी। पंजाब समर्थक तथा पंजाबियत समर्थक बदलाव लाना तो कोसों दूर की बात है, आप ने राज्यसभा की टिकटें अपने गुर्गों को दीं और पीछे रहकर रणनीति बनाने वालों को भी पुरस्कृत किया है। इस प्रक्रिया में आप ने प्रसिद्ध पंजाबियों के अलावा हजारों योग्य कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है, जो सम्मान के अधिक योग्य थे।
प्रकाश सिंह बादल ने की थी आलोचना
राज्यसभा में कुछ नामों पर राज्य के पांच बार मुख्यमंत्री रहे प्रकाश सिंह बादल ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह चुनाव के दौरान ही कह रहे थे कि आप की सरकार आई तो दिल्ली से राज चलेगा। अब वही हो रहा है। आप ने यह फैसला लेकर पंजाब का हक छीना है। राज्यसभा के सभी सदस्य पंजाब से ही होने चाहिए।