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अनोखी सियासत: सिद्धू का चौथा फ्रंट कहीं किसी की माइंड गेम तो नहीं?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 08 Sep 2016 09:35 AM IST
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चाहे सिद्धू दंपति हो या बैंस बंधू। पार्टी के संविधान को देखते हुए सिद्धू की नई पार्टी कहीं किसी की माइंड गेम तो नहीं। कुछ भी हो सकता है।
न तो सिद्धू ने कभी केजरीवाल के खिलाफ बोला है और न ही केजरीवाल ने कभी सिद्धू के खिलाफ। दोनों की मुलाकातें भी हुई हैं, जोकि इस आशंका को बल दे रही हैं कि कोई न कोई खिचड़ी तो है तो चौथे मोर्चे को लेकर दोनों के बीच पकी है। समय बताएगा कि ये अनोखी सियासत पंजाब में क्या बदलाव लाएगी।
सिद्धू और केजरीवाल दोनों ही सियासत के चतुर खिलाड़ी हैं, ऐसे में हो सकता है कि दोनों आपस में माइंडगेम तो नहीं खेल रहे। बीते दिनों केजरीवाल और सिद्धू की मुलाकात भी होती रही है। हो सकता है कि ये फैसला हुआ हो, जिसके तहत आप अपने बल पर लड़ेगी और सिद्धू अपने बल पर लड़ सकते हैं।
चूंकि सिद्धू की खुद की अपनी पहचान है ही और जैसे ही कुछ लोगों के नाम सामने आएंगे तो वो काफी सारी सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर सकते हैं। इसके बाद चुनाव नतीजों में जो कुछ भी आए सिद्धू और केजरीवाल उस समय साथ आ सकते हैं। इस तरह दोनों को फायदा है। हालांकि अभी ऐसा केवल अनुमान ही है।
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न तो सिद्धू ने कभी केजरीवाल के खिलाफ बोला है और न ही केजरीवाल ने कभी सिद्धू के खिलाफ। दोनों की मुलाकातें भी हुई हैं, जोकि इस आशंका को बल दे रही हैं कि कोई न कोई खिचड़ी तो है तो चौथे मोर्चे को लेकर दोनों के बीच पकी है। समय बताएगा कि ये अनोखी सियासत पंजाब में क्या बदलाव लाएगी।
सिद्धू और केजरीवाल दोनों ही सियासत के चतुर खिलाड़ी हैं, ऐसे में हो सकता है कि दोनों आपस में माइंडगेम तो नहीं खेल रहे। बीते दिनों केजरीवाल और सिद्धू की मुलाकात भी होती रही है। हो सकता है कि ये फैसला हुआ हो, जिसके तहत आप अपने बल पर लड़ेगी और सिद्धू अपने बल पर लड़ सकते हैं।
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चूंकि सिद्धू की खुद की अपनी पहचान है ही और जैसे ही कुछ लोगों के नाम सामने आएंगे तो वो काफी सारी सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर सकते हैं। इसके बाद चुनाव नतीजों में जो कुछ भी आए सिद्धू और केजरीवाल उस समय साथ आ सकते हैं। इस तरह दोनों को फायदा है। हालांकि अभी ऐसा केवल अनुमान ही है।
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छोटेपुर और गांधी को साथ लाने की कवायद
Chotepur on Navjot Sidhu
- फोटो : अमर उजाला
साझा सियासी फ्रंट में पूर्व सांसद नवजोत सिद्धू के सियासी फोरम, सांसद डॉ. धरमवीर गांधी केसियासी फ्रंट और सुच्चा सिंह छोटेपुर को एक साथ लाने की कोशिश की जा रही है।
पिछले दिनों डॉ. गांधी के सियासी फ्रंट में शामिल होने वाली स्वराज अभियान पार्टी के प्रधान प्रो. मनजीत सिंह ने इसकी कमान संभाली है। मंगलवार को पार्टी की मीटिंग हुई थी। इसमें पंजाब की मौजूदा सियासी परिस्थितियों की समीक्षा की गई। साथ ही एक सांझे मोर्चे के अधीन सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों और लोगों को लाने का फैसला किया गया।
प्रो. मनजीत के मुताबिक उनकी कोशिश है कि नवजोत सिद्धू, परगट सिंह और बैंस ब्रदर्स के आवाज-ए-पंजाब फोरम, सुच्चा सिंह छोटेपुर और डॉ. गांधी के सियासी फ्रंट को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाए। उनकी छोटेपुर के साथ तीन बैठकें हो चुकी हैं।
उन्होंने भी इस बात पर सहमति जताई है कि एक प्लेटफॉर्म पर सभी को आना चाहिए। परगट सिंह के साथ भी उनकी एक मीटिंग हुई है, उन्होंने भी इस पर सहमति जताई है। डॉ. गांधी विदेश दौरे से लौट आए हैं, जल्द उनके साथ मीटिंग की जाएगी। उसके बाद सभी पक्षों की सांझी मीटिंग होगी। इसमें पंजाब में नए सियासी प्लेटफॉर्म की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
पिछले दिनों डॉ. गांधी के सियासी फ्रंट में शामिल होने वाली स्वराज अभियान पार्टी के प्रधान प्रो. मनजीत सिंह ने इसकी कमान संभाली है। मंगलवार को पार्टी की मीटिंग हुई थी। इसमें पंजाब की मौजूदा सियासी परिस्थितियों की समीक्षा की गई। साथ ही एक सांझे मोर्चे के अधीन सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों और लोगों को लाने का फैसला किया गया।
प्रो. मनजीत के मुताबिक उनकी कोशिश है कि नवजोत सिद्धू, परगट सिंह और बैंस ब्रदर्स के आवाज-ए-पंजाब फोरम, सुच्चा सिंह छोटेपुर और डॉ. गांधी के सियासी फ्रंट को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाए। उनकी छोटेपुर के साथ तीन बैठकें हो चुकी हैं।
उन्होंने भी इस बात पर सहमति जताई है कि एक प्लेटफॉर्म पर सभी को आना चाहिए। परगट सिंह के साथ भी उनकी एक मीटिंग हुई है, उन्होंने भी इस पर सहमति जताई है। डॉ. गांधी विदेश दौरे से लौट आए हैं, जल्द उनके साथ मीटिंग की जाएगी। उसके बाद सभी पक्षों की सांझी मीटिंग होगी। इसमें पंजाब में नए सियासी प्लेटफॉर्म की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
छोटेपुर ने शुरू किया पंजाब दौरा
बैंस बंधु और परगट सिंह के साथ मिलकर सिद्धू ने बनाई पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी के पूर्व सूबा कनवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने पंजाब का दौरा शुरू कर दिया है।
मंगलवार को उन्होंने अपने हलके गुरदासपुर से इसकी शुरुआत की। 16 सितंबर को वह फरीदकोट लोकसभा हलके का दौराकर इसका समापन करेंगे। इस दौरान वह पूरे पंजाब के वॉलंटियर्स से फीडबैक लेंगे। साथ ही अपने अगले कदम के बारे में सुझाव लेंगे। इस दौरान सांझे सियासी प्लेटफॉर्म पर भी वॉलंटियर्स की राय ली जाएगी।
मंगलवार को उन्होंने अपने हलके गुरदासपुर से इसकी शुरुआत की। 16 सितंबर को वह फरीदकोट लोकसभा हलके का दौराकर इसका समापन करेंगे। इस दौरान वह पूरे पंजाब के वॉलंटियर्स से फीडबैक लेंगे। साथ ही अपने अगले कदम के बारे में सुझाव लेंगे। इस दौरान सांझे सियासी प्लेटफॉर्म पर भी वॉलंटियर्स की राय ली जाएगी।