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किसानों व कृषि के लिए एक नई दिशा तय करेगा प्राकृतिक खेती मिशन : देवव्रत
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चंडीगढ़। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्राकृतिक कृषि को मिशन मोड में पूरे देश में लागू करने के लिए उनका आभार जताया। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को एक स्वतंत्र केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में मंजूरी दी गई। यह योजना प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि, यह ऐतिहासिक कदम हमारे किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक नई दिशा तय करेगा। उन्होंने यह कार्य पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से संभव हो सकी है। उन्होंने कहा- प्राकृतिक खेती को देशभर में लागू करने के लिए कुल 2481 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें 1584 करोड़ भारत सरकार और 897 करोड़ राज्यों की ओर से खर्च किए जाएंगे। दस हजार जैव -इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि किसानों को उपयोग के लिए तैयार प्राकृतिक कृषि इनपुट उपलब्ध हो सकें।
कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और किसानों के खेतों पर नेचुरल फार्मिंग मॉडल प्रदर्शन फार्म विकसित किए जाएंगे। किसानों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए एक सरल प्रमाणन प्रणाली और समर्पित सामान्य ब्रांडिंग की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से सभी के लिए स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे। देश के किसानों की खेती की लागत बिल्कुल कम होगी और बाहरी इनपुट पर निर्भरता घटाने में देश को बड़ी मदद मिलेगी। मृदा स्वास्थ्य और जैव विविधता में सुधार होगा। स्वस्थ मृदा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण और संरक्षण होगा। ग्राम पंचायतों के 15,000 समूहों के माध्यम से एक करोड़ किसानों तक प्राकृतिक खेती पहुंचेगी और देश के 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का क्रियान्वयन होगा।
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि, यह ऐतिहासिक कदम हमारे किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक नई दिशा तय करेगा। उन्होंने यह कार्य पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से संभव हो सकी है। उन्होंने कहा- प्राकृतिक खेती को देशभर में लागू करने के लिए कुल 2481 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसमें 1584 करोड़ भारत सरकार और 897 करोड़ राज्यों की ओर से खर्च किए जाएंगे। दस हजार जैव -इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे ताकि किसानों को उपयोग के लिए तैयार प्राकृतिक कृषि इनपुट उपलब्ध हो सकें।
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कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और किसानों के खेतों पर नेचुरल फार्मिंग मॉडल प्रदर्शन फार्म विकसित किए जाएंगे। किसानों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए एक सरल प्रमाणन प्रणाली और समर्पित सामान्य ब्रांडिंग की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से सभी के लिए स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे। देश के किसानों की खेती की लागत बिल्कुल कम होगी और बाहरी इनपुट पर निर्भरता घटाने में देश को बड़ी मदद मिलेगी। मृदा स्वास्थ्य और जैव विविधता में सुधार होगा। स्वस्थ मृदा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण और संरक्षण होगा। ग्राम पंचायतों के 15,000 समूहों के माध्यम से एक करोड़ किसानों तक प्राकृतिक खेती पहुंचेगी और देश के 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का क्रियान्वयन होगा।
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