फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   National Theater Festival inaugurated with the award ceremony

सम्मान समारोह के साथ नेशनल थिएटर फेस्टिवल का शुभारंभ

Mon, 28 Mar 2022 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 01:54 AM IST
विज्ञापन
National Theater Festival inaugurated with the award ceremony
चंडीगढ़। पंजाब कला भवन में रविवार को थिएटर फॉर थिएटर की ओर से 17वें नेशनल थियेटर फेस्टिवल का शुभारंभ हो गया। कार्यक्रम का आगाज सम्मान समारोह से हुआ। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता लेखक और रंगकर्मी बलजीत सिंह जख्मी को लाइफ टाइम अचिवमेंट और युवा निर्देशक अभिनेता अभिषेक शर्मा को युवा शक्ति अवार्ड दिया गया। इस दौरान कई प्रमुख हस्तियों ने विचार रखे। स्वर्गीय केके डोडा और स्वर्गीय प्रवेश सेठी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया गया।
विज्ञापन

थिएटर फार थिएटर के अध्यक्ष मदन गुप्ता स्पाटू ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत किया। इस मौके पर चंडीगढ़ के रंगमंच पर प्रकाश डाला। चंडीगढ़ के दिग्गज रंगकर्मी और भंगड़ा किंग कहे जाने वाले बलकार सिद्धू ने कहा कि आयुष्मान खुराना, किरण खेर, मंगल ढिल्लों, अनुपम खेर सरीखे सफल बॉलीवुड अभिनेताओं के सपनों के पंख को इसी शहर के रंगमंच ने परवाज दी। पंजाबी रंगमंच की रानी कही जाने वाली रानी बलबीर कौर ने सेमिनार के दौरान कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर ने उन्हें और उनके जैसे सैकड़ों प्रतिभावान रंगकर्मियों का प्रोफेशनल थिएटर करने का सपना सच हो सका। एक सफल प्ले राइट, अदाकार, निर्देशक और पंजाबी रंगमंच के पितामह बलवंत गार्गी ने डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर की नींव रखने के साथ ही चंडीगढ़ को रंगमंच का मक्का बनाने की ओर अग्रसर कर दिया था।
विज्ञापन

इसी दौरान चंडीगढ़ के पहले अभिनेता कहे जाने वाले कैलाश अहलूवालिया ने अपना सफर और अनुभव बयां किया। उन्होंने बताया कि 1954 में जब पढ़ाई के लिए वह चंडीगढ़ आए तब रंगमंच से जुड़ना हुआ। उन्होंने अधिकार का रक्षक नाटक में पलही बार प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि इस पत्थरों के शहर को रंगमंच का मक्का बनाने के लिए रंगकर्मियों ने वर्षों मेहनत की है और जिसका नतीजा है कि चंडीगढ़ में आज हर आयु वर्ग के निर्देशक और अनेकों थियेटर ग्रुप मौजूद हैं। डिपार्टमेंट ऑफ इंडियन थिएटर के हमसफर रहे प्रोफेसर महेंद्र कुमार ने कहा कि एक रंगकर्मी के लिए हर दिन कला धर्मी दिवस जैसा होना चाहिए। उन्होंने चंडीगढ़ के रंगमंच के उत्थान का पूरा श्रेय बलवंत गार्गी को दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed