Paperless Haryana Assembly: 17 माह 12 दिन की मेहनत के बाद सिरे चढ़ी परियोजना, पूरी हुई ई-विधान सभा की तैयारी
हरियाणा विधानसभा ने 25 फरवरी 2021 को त्रिपक्षीय एमओयू साइन किया था। 23 दिसंबर को 2021 को हरियाणा विधानसभा की डीपीआर को मंजूरी मिली। 25 जनवरी 2022 को इस परियोजना के लिए पहली किस्त प्राप्त हुई।
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हरियाणा विधानसभा को पेपरलेस करने की घड़ी नजदीक आ गई हैं। नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन(नेवा) हरियाणा के डाटा के साथ अपडेट कर दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने 17 माह 12 दिन मेहनत कर नेवा परियोजना को सिरे चढ़ाया है। इसका उद्घाटन 8 अगस्त को अभ्यास सत्र से ठीक पहले सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे। टैब पर टैप कर ई-विधान सभा का श्रीगणेश किया जाएगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी के वीडियो संदेश समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी मंत्रियों, विधायकों और अफसरों को निमंत्रण भेजा है। कोविड प्रोटोकॉल के कारण परियोजना के प्रभावित होने की आशंका बन गई थी, गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर विकट परिस्थितियों में रास्ता निकालने की हिदायतें दीं। गुप्ता ने कहा कि विधानसभा के डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण में मील का पत्थर साबित होगी। जनप्रतिनिधियों की विधायी कामकाम में भूमिका प्रभावी बनेगी। आम नागरिक भी अपने काम की जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त कर सकेंगे।
8.53 करोड़ रुपये की परियोजना
विधानसभा के डिजीटलाइजेशन के लिए 8.53 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हुई थी। हरियाणा विधानसभा ने 25 फरवरी 2021 को त्रिपक्षीय एमओयू साइन किया था। 23 दिसंबर को 2021 को हरियाणा विधानसभा की डीपीआर को मंजूरी मिली। 25 जनवरी 2022 को इस परियोजना के लिए पहली किस्त प्राप्त हुई। 2 फरवरी को नेवा सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। 9 और 10 फरवरी को इस नेवा सेवा केंद्र में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। 2 मार्च को परियोजना की दूसरी किस्त प्राप्त हुई। 21 और 22 जुलाई को पंचकूला में नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन के दो दिवसीय ऑरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस परियोजना से हरियाणा विधानसभा को सालाना करीब 5.60 करोड़ रुपये की बचत होगी।
कार्य तेजी से होने के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी
सदन की कार्यवाही में कार्यसूची, नोटिस, बुलेटिन, विधेयक, तारांकित और अतारांकित प्रश्न, उनके जवाब, पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेज, विभिन्न कमेटियों की रिपोर्ट इत्यादि सभी कार्य बिना कागज का प्रयोग किए प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। विधायकों के लिए उपयोगी तथ्य और नियमावली समेत अनेक प्रकार की जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो सकेगी। सदन में बोलने वाले विधायकों का पूरा विवरण समय गणना के साथ बढ़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। हरियाणा शुरूआत में ही परियोजना के तीसरे चरण में पहुंच रहा है। इससे पूर्व जिन राज्यों ने यह परियोजना शुरू की है, वे अधिकतर पहले चरण में ही हैं।