फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   natak manchan in Tagore Theatre

टूटते-जुड़ते रिश्तों का दर्द 'लिबड़ी होई चद्दर'

Wed, 05 Mar 2014 12:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Mar 2014 12:49 PM IST
विज्ञापन
 natak manchan in Tagore Theatre
रूपक कला एंड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से नार्थ कल्चरल सेंटर पटियाला और डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर एंड पब्लिक रिलेशन हरियाणा के सौजन्य से टैगोर थिएटर में ‘लिबड़ी होई चद्दर’ नाटक का मंचन किया गया। वीना वर्मा द्वारा लिखे इस नाटक को संगीता गुप्ता ने निर्देशित किया।
विज्ञापन


नाटक की शुरूआत सुजाता नाम की लड़की से होती जो अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं है। सुजाता के ऑफिस में उसका बॉस भी अपनी वाइफ से अलग रहता है। वह सुजाता को साथ रहने की पेशकश करता है।
विज्ञापन


सुजाता आदमी और औरत के बीच के रिश्ते को सिर्फ जिस्मानी नहीं मानती, लेकिन उसका बॉस निरंतर उसे अपने साथ रहने पर जोर देता है। सुजाता धीरे-धीरे बॉस के करीब आ जाती है और दोनों में जिस्मानी संबंध बन जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक दिन सुजाता को पता चलता है कि उसके बॉस की वाइफ दोबारा उसके पास आ रही है। यह सुनकर वह फिर से टूट जाती है। बॉस उसे मनाता है और कहता है कि उसकी पत्नी एक और रहेगी और तुम एक और, लेकिन सुजाता टूट जाती है। एक दिन उसका बॉस उसे घर बुलाता है और उससे शारीरिक संबंध बनाता है।

सुबह उठकर उसे याद आता है कि उसकी पत्नी आने वाली है तो वह सुजाता को वहां से जाने को कहता है। साथ ही पलंग पर पड़ी लिबड़ी चादर उसे साथ ले जाने को कहता है। इस पर सुजाता टूट जाती है और वहां से हमेशा के लिए चली जाती है।

बोले दर्शक...
नाटक बहुत अच्छा लिखा गया है, लेकिन एक्टिंग कमजोर लगी। कुछ पल ऐसे आए जब नाटक में हास्य आया। डायलॉग काफी अच्छे थे। नाटक आज के युग के हिसाब अच्छा है। औरत अपने में आप में संपूर्ण है उसे दूसरों की जरूरत नहीं।
-रशमिंदर सिंह, सरकारी कर्मचारी

कहानी को अगर देखा जाए तो हर नारी को यह देखने की जरूरत है। एक लड़की को कई फैसले लेते वक्त ध्यान रखना चाहिए। नाटक में हालांकि कई जगह फेड इन होने के बावजूद भी लेट एंट्री हुई और कई बार स्टेज खाली छूट गया, जिससे कुछ कमियां भी लगी।

सुखप्रीत सिंह, प्राईवेट कर्मचारी

नाटक की अच्छी बात रही इसकी कहानी, जिसमें कई ऐसे पहलू थे जिन पर हर किसी को गौर करना चाहिए। आजकल की लड़कियां क्या सोचती है इस नाटक में अच्छे से दिखाया गया है।
आयुष, स्टूडेंट (पीयू)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed