फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Natak Manchan at Punjab Kala Bhawan

'डॉ. पल्टा' में देखने को मिला एक डॉक्टर का संघर्ष

Fri, 14 Mar 2014 04:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 14 Mar 2014 04:13 PM IST
विज्ञापन
Natak Manchan at Punjab Kala Bhawan
सिटी इंटरटेनमेंट द्वारा पंजाब कला भवन में किए गए नाटक डा. पलटा एक डाक्टर की संघर्ष की कहानी है। बलवंत गार्गी के लिखे इस नाटक को निर्देशित किया आशीष शर्मा ने और इसको मंच पर लाइव किया सनी गिल, गगनदीप कौर, बलजिंदर कौर, दलजीत सिहं और आशीष ने।
विज्ञापन


डाक्टर पलटा प्रसिद्ध पंजाबी लेखक बलवंत गार्गी के उपन्यास पर आधारित है। यह एक डेंटिस्ट की कहानी है जिसकी पत्नी उसको रोजाना प्रताड़ित करती है। वह हरेक के कर्ज पर है, चाहे लैंडलार्ड हो, धोबी हो या फिर किरयाना स्टोरवाला। उसकी पत्नी उसको हमेशा दुत्कारती है।
विज्ञापन


किसी तरह से डाक्टर पलटा को एक पेशेंट मिलता है, लेकिन वह भी काफी गंभीर होता है। वह एक प्लान बनाता है कि जैसे ही दरवाजे पर कोई दस्तक दे तो वह घड़ी का अलार्म बजाए, जिससे कि वह फोन पर बात करता हुआ लगे। इससे लगेगा कि डाक्टर काफी व्यस्त हैं। लेकिन पहला व्यक्ति जो घर पर आता है वह तीन महीने का किराया लेने आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डाक्टर दूसरा प्लान बनाता है और अपनी पत्नी से कहता है कि वह नर्स बन जाए। अब उसके पास जो व्यक्ति आता है वह समझ जाता है कि वह नर्स नहीं है और उससे छेड़खानी करने लगता है।

डाक्टर कहता है कि वह उसकी पत्नी है। तीसरा व्यक्ति आता है तो डाक्टर एकबार फिर फोन उठाकर बात करने लगता है तो काफी देर तक डाक्टर को घूरने के बाद व्यक्ति कहता है कि वह टेलीफोन विभाग से है और टेलीफोन ठीक करने आया है।

वहीं, दिन में दूसरा नाटक दिखाया गया प्लानिंग। गुरशरण सिंह के लिखे इस नाटक को निर्देशित किया आशीष शर्मा ने। यह नाटक सरकारी योजनाओं और उनके लागू करने पर है। इसमें मिस्टर मेहता की स्टोरी दिखाई गई है। वह सिर्फ योजनाएं बनाते हैं, करते कुछ नहीं। वह कुछ ढूंढते हैं और नहीं मिलती है तो पत्नी को बुलाते हैं।

पत्नी भीतर आती है और कहती है क्यों चिल्ला रहे हो। वह कहते हैं कि वह पोल्ट्रीफार्म के लिए प्लान बनाने के लिए अपनी रेड पेंसिल, स्केल और कापी को तलाश रहे हैं। उनकी पत्नी कहती हैं कि यह उनके लिए आसान नहीं। इतने में ही उनके पड़ोसी भाटिया आते हैं और समस्या सुनते हैं। उनको भाटिया साहब बताते हैं कि सरकार भी योजनाएं बनाती है और उसको लागू नहीं करती।

इतने में एक इंश्योरेंस एजेंट आता है लेकिन दोनों उसको बाहर भगा देते हैं। इतने में ही एकबार फिर से इंश्योरेंस एजेंट घरके भीतर आता है और कहता है कि आप मरने जा रहे हैं क्या? मेहता कहता है हां। तो इंश्योरेंस एजेंट उसकी पत्नी से कहता है कि आप इंश्योरेंस प्लान ले लें। जिससे उनका भविष्य सुरक्षित रहे।


मेहता की पत्नी को मालूम होता है कि सारी समस्या इंश्योरेंस एजेंट की है तो वह उसको भगा देती है। नाटक में दलजीत सिंह ने मेहता, गगनदीप कौर ने उनकी पत्नी, सनी गिल ने भाटिया और आशीष ने इंश्योरेंस एजेंट की भूमिका निभाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed