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Hindi News ›   Chandigarh ›   Narnaul Municipal Council demolished temple of Manohar Lal

कार्रवाई: हरियाणा में मनोहर लाल का मंदिर बना पूजा करते थे लोग, नगर परिषद ने ढहाया

Sun, 25 Jul 2021 02:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 25 Jul 2021 02:49 PM IST
सार

हरियाणा के नारनौल में बने सीएम मनोहर लाल के मंदिर को नगर परिषद ने ध्वस्त कर दिया। परिषद का आरोप है कि मंदिर को विवादित जगह पर बनाया गया था। बता दें कि हाल ही में इस मंदिर का निर्माण करवाया गया था। 

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Narnaul Municipal Council demolished temple of Manohar Lal
ढांचा गिराते नप कर्मी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नारनौल में रघुनाथ पुरा की पहाड़ी पर कुछ लोग कई सालों से अवैध तौर पर मकान बनाकर रह रहे थे। एक माह पहले नगर परिषद ने मकान ढहा दिए। लोगों ने उस जगह पर सीएम मनोहर लाल का मंदिर बनाया और पूजा करने लगे। शुक्रवार को इसकी सूचना मिलते ही नप ने वह भी ढहा दिया। अगले ही दिन लोगों ने फिर मंदिर बनाने का प्रयास किया, दीवार बना भी ली। तब प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया। उपायुक्त अजय कुमार के निर्देश पर नप के कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह यादव मौके पर पहुंचे और दीवार गिरवाई। उनकी शिकायत पर महावीर चौकी पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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गांव रघुनाथ पुरा की पहाड़ी पर करीब पचास परिवार कई सालों से घर बनाकर रह रहे थे। उनका कहना था कि यह जमीन एक कंपनी को लीज पर दी गई है। नप ने इसे अवैध कब्जा घोषित करते हुए करीब एक माह पहले सारे घर ढहा दिए थे। उसके बाद उन्होंने सीएम का मंदिर बनाकर पूजा शुरू कर दी। शुक्रवार को नप को सूचना मिली तो मंदिर गिरा दिया गया। शनिवार के लोगों ने फिर मंदिर बनाने का प्रयास किया। तब मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। उपायुक्त अजय कुमार ने ईओ यादव को मौके पर जाने के निर्देश दिए। वहां दीवार बनी मिली, जिसे गिरा दिया गया। ईओ यादव ने लोगों को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसा कुछ हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यादव की शिकायत पर पुलिस ने अवैध कब्जाधारकों के वकील प्रमोद तरेड़िया, सुरेश और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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अगर भविष्य में कोई भी नागरिक सरकारी जमीन पर इस तरह मंदिर बनाकर कब्जा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की हरकत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नप के संज्ञान में कोई भी मामला आया तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। आसपास के लोगों को भी समझाया गया है कि यह किसी हाल में जायज नहीं है कि सरकारी जमीन को इस तरह से प्रयोग किया जाए। लोगों को खुद आगे आकर इस तरह की हरकत की सूचना नप को देनी चाहिए। - अभय सिंह यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद

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वह जमीन एक कंपनी गुरुग्राम फरीदाबाद माइनिंग को लीज पर दी गई है, जिसकी मियाद वर्ष 2024 तक है। लोग बीस, तीस व पचास सालों से यहां मकान बना कर रहे थे। इस संबंध में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिसमें जारी आदेश के तहत पहले तीस जून और फिर 31 अगस्त 2021 तक कोई भी जमीन खाली नहीं करवा सकता। इसके बावजूद नप ने मकान गिरा दिए। इसके खिलाफ भी हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है, जिसमें नप को तीन दिन पहले नोटिस जारी हो चुका है। लोगों की सीएम में आस्था थी कि वह उन्हें बेघर होने से बचाएंगे, इसीलिए उनका मंदिर बनाया गया था। इस मामले में मेरे समेत कई लोगों के खिलाफ प्रतिशोध में पर्चा भी दर्ज कर लिया गया। - प्रमोद तरेड़िया, कब्जा धारकों के वकील

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